भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर 2029
भारतीय कैलेंडर 2029
नई दिल्ली, दिल्ली, भारत · 12 चांद्र मास
नई दिल्ली, दिल्ली, भारत
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2029 में भारतीय कैलेंडर के अनुसार 319 त्योहार और व्रत-पर्व आते हैं। प्रमुख उत्सवों में शामिल हैं: गणतंत्र दिवस, होली, स्वतंत्रता दिवस, शरद नवरात्रि, दशहरा। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
जनवरी
व्रत एवं उपवास के दिन
एकादशी
चतुर्थी व चौथ
पूर्णिमा
अमावस्या
फ़रवरी
मार्च
अप्रैल
मई
जून
जुलाई
अगस्त
अग॰15
स्वतंत्रता दिवस
मुख्य
अग॰15
भगवान विष्णु (कल्कि अवतार)
अग॰20
भगवान कृष्ण, राधा
अग॰24
देवी गायत्री
अग॰29
नाग देवता
अग॰29
देवी मनसा, नाग देवता
व्रत एवं उपवास के दिन
चतुर्थी व चौथ
पूर्णिमा
अन्य उपवास
- अग॰ 2 कालाष्टमी
- अग॰ 8 मासिक शिवरात्रि
- अग॰ 11 अश्वत्थ मारुति पूजन
- अग॰ 12 हरियाली तीज
- अग॰ 12 आदित्य पूजन
- अग॰ 13 श्रावण सोमवार
- अग॰ 14 मंगला गौरी व्रत
- अग॰ 15 बुध पूजन
- अग॰ 16 बृहस्पति पूजन
- अग॰ 17 महालक्ष्मी स्थापन
- अग॰ 17 जीवंतिका पूजन
- अग॰ 17 मासिक दुर्गाष्टमी
- अग॰ 18 अश्वत्थ मारुति पूजन
- अग॰ 19 आदित्य पूजन
- अग॰ 20 श्रावण सोमवार
- अग॰ 21 मंगला गौरी व्रत
- अग॰ 22 बुध पूजन
- अग॰ 23 बृहस्पति पूजन
- अग॰ 24 जीवंतिका पूजन
- अग॰ 24 वरलक्ष्मी व्रत
- अग॰ 25 अश्वत्थ मारुति पूजन
- अग॰ 26 आदित्य पूजन
- अग॰ 27 कजरी तीज
- अग॰ 27 श्रावण सोमवार
- अग॰ 28 मंगला गौरी व्रत
- अग॰ 29 बुध पूजन
- अग॰ 30 शीतला सातम
- अग॰ 30 बृहस्पति पूजन
- अग॰ 31 जीवंतिका पूजन
सितंबर
सित॰1
भगवान कृष्ण
सित॰10
भगवान विष्णु (वराह अवतार)
सित॰11
भगवान गणेश
सित॰13
भगवान बलराम
सित॰13
देवी गौरी (महालक्ष्मी)
सित॰14
देवी गौरी (महालक्ष्मी)
सित॰15
राधा
सित॰15
देवी गौरी (महालक्ष्मी)
सित॰17
भगवान विश्वकर्मा
सित॰19
भगवान विष्णु (वामन अवतार)
सित॰21
भगवान विष्णु, भगवान गणेश
व्रत एवं उपवास के दिन
एकादशी
चतुर्थी व चौथ
पूर्णिमा
अन्य उपवास
- सित॰ 1 अश्वत्थ मारुति पूजन
- सित॰ 1 कालाष्टमी
- सित॰ 2 आदित्य पूजन
- सित॰ 3 श्रावण सोमवार
- सित॰ 4 मंगला गौरी व्रत
- सित॰ 5 बुध पूजन
- सित॰ 6 मासिक शिवरात्रि
- सित॰ 6 बृहस्पति पूजन
- सित॰ 7 जीवंतिका पूजन
- सित॰ 8 अश्वत्थ मारुति पूजन
- सित॰ 10 हरतालिका तीज
- सित॰ 10 केवड़ा तीज
- सित॰ 12 ऋषि पंचमी
- सित॰ 15 मासिक दुर्गाष्टमी
- सित॰ 23 पितृ पक्ष
- सित॰ 30 कालाष्टमी
अक्टूबर
नवंबर
दिसंबर
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारतीय पर्वों की तारीखें हर ग्रेगोरियन वर्ष में क्यों बदलती हैं?
अधिकांश प्रमुख भारतीय पर्व चन्द्र कैलेंडर द्वारा निर्धारित होते हैं — तिथियाँ और नक्षत्र — जो ग्रेगोरियन सौर वर्ष से लगभग 11 दिन छोटा है। हर वर्ष दीपावली ग्रेगोरियन कैलेंडर पर पिछले वर्ष से लगभग 11 दिन पहले पड़ती है, और हर दो-तीन वर्षों में अधिक मास (अधिकमास) से यह अंतर ठीक होता है। सौर-आधारित पर्व — मकर संक्रान्ति, ओणम, पोंगल — हर वर्ष एक-दो दिन के भीतर एक ही ग्रेगोरियन तारीख पर आते हैं।
कौन-से भारतीय पर्व ग्रेगोरियन कैलेंडर पर स्थिर हैं?
सूर्य की राशि-प्रवेश (संक्रान्ति) से जुड़े पर्व सौर-स्थिर हैं। प्रमुख: मकर संक्रान्ति / पोंगल / उत्तरायण (14-15 जनवरी), मेष संक्रान्ति / बैसाखी / पुथंडु / विशु / पोइला बैशाख (13-14 अप्रैल), कर्क संक्रान्ति (15-16 जुलाई)। क्रिसमस (25 दिसम्बर) ग्रेगोरियन-स्थिर है। अन्य सभी प्रमुख पर्व — दीपावली, होली, नवरात्रि, ईद, जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, दुर्गा पूजा, एकादशियाँ — चन्द्र-आधारित हैं और प्रति वर्ष 11 दिन खिसकती हैं।
यह पृष्ठ कई परम्पराओं के पर्व क्यों दर्शाता है?
भारत में एक ही एकीकृत पर्व-कैलेंडर नहीं है। तमिल परिवार पोंगल और कार्तिगाई दीपम मनाते हैं; बंगाली परिवार दुर्गा पूजा को सांस्कृतिक पर्व के रूप में देखते हैं; गुजराती परिवार नवरात्रि को क्षेत्रीय विशिष्टता से मनाते हैं; पंजाबी परिवार बैसाखी को फसल-उत्सव के रूप में मनाते हैं। फिर भी सभी समुदाय दीपावली, होली, नवरात्रि और एकादशियाँ किसी न किसी रूप में साझा करते हैं। यह भारतीय कैलेंडर पृष्ठ सबसे व्यापक दृष्टि लेता है।
चातुर्मास क्या है और यह आयोजन-योजना के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
चातुर्मास ('चार मास') देवशयनी एकादशी (आषाढ़ शुक्ल 11, सामान्यतः जून के अंत या जुलाई) से देवउठनी एकादशी (कार्तिक शुक्ल 11, सामान्यतः अक्टूबर-नवम्बर) तक चलता है। इस अवधि में अधिकांश हिन्दू समुदाय विवाह, उपनयन, गृह प्रवेश या मुंडन नहीं करते। यह विराम वर्षा ऋतु के साथ मेल खाता है। देवउठनी एकादशी के तुरन्त बाद नवम्बर से विवाह-ऋतु शुरू होती है। किसी भी शुभ कार्यक्रम की योजना बनाने वाले परिवार के लिए चातुर्मास की तारीखें जानना आवश्यक है।
योजना बनाने लायक प्रमुख सर्वभारतीय पर्व-समूह कौन-से हैं?
वसंत-समूह (मार्च-मई): होली (फाल्गुन पूर्णिमा), राम नवमी (चैत्र शुक्ल 9), अक्षय तृतीया (वैशाख शुक्ल 3), हनुमान जयंती। ग्रीष्म-मानसून: गुरु पूर्णिमा, नाग पंचमी, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी। शरद-समूह (अगस्त-नवम्बर): गणेश चतुर्थी, पितृ पक्ष (15 दिन — कोई शुभ कार्य नहीं), नवरात्रि (9 दिन), दशहरा, दीपावली, भाई दूज। शीत: मकर संक्रान्ति, बसन्त पंचमी — फिर वसंत-समूह से पुनः आरम्भ।
इस पृष्ठ पर पर्व-तिथियाँ कितनी सटीक हैं?
पर्व-तिथियाँ हर वर्ष गणित एफेमेरिस डेटा (लाहिरी अयनांश के साथ सूर्य और चन्द्र की स्थिति) से ताज़ा गणित की जाती हैं। तिथि और नक्षत्र-समय आपके सहेजे गए शहर के सूर्योदय के सापेक्ष हैं। यदि आपके स्थानीय मंदिर के पंचांग में भिन्न तारीख दिखे, तो यह लगभग हमेशा सूर्योदय के सन्दर्भ-नगर के कारण होता है — तिथि-सीमा के पास एक दिन का अंतर सामान्य है।