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केसरिया ध्वजों और सह्याद्री किले के साथ छत्रपति शिवाजी महाराज की अश्वारूढ़ प्रतिमा

तिथि के अनुसार छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती

आगामी
213 दिनों में
प्रमुख पर्व क्षेत्रीय पर्व
2027 में चंद्र तिथि के अनुसार शिव जयंती 25 मार्च 2027, गुरुवार को है। यह छत्रपति शिवाजी महाराज की जन्म-तिथि फाल्गुन वद्य तृतीया का स्मरण है और महाराष्ट्र के 19 फ़रवरी वाले आधिकारिक निश्चित स्मरणोत्सव से अलग है।

यह कब पड़ता है

तिथि बदलती है क्योंकि यह चंद्रमा का अनुसरण करती है, ग्रेगोरियन कैलेंडर का नहीं।

भारत (IST) के लिए सटीक पंचांग गणना। दूर पूर्व या पश्चिम के स्थानों पर तिथि एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।

तिथि के अनुसार शिव जयंती क्या स्मरण करती है

तिथि के अनुसार शिवाजी महाराज जयंती छत्रपति शिवाजी महाराज की जन्म-जयंती को मराठी चंद्र जन्म-तिथि फाल्गुन वद्य तृतीया के अनुसार मनाई जाती है। शिवाजी महाराज का जन्म 1630 में शिवनेरी किले में हुआ और उन्होंने मराठा राज्य की स्थापना की; महाराष्ट्र के इतिहास और स्वराज्य के आदर्श में उनका केंद्रीय स्थान है।

तिथि चंद्र दिवस है, इसलिए उसकी अंग्रेज़ी तारीख हर साल बदलती है। यह अनुष्ठान गणना की गई नागरिक तिथि पर आता है, जबकि महाराष्ट्र का आधिकारिक नागरिक स्मरणोत्सव 19 फ़रवरी को निश्चित रहता है। महाराष्ट्र के पंचांग और समुदाय दोनों तिथियाँ मानते हैं; एक को दूसरी की अनजानी नकल नहीं कहना चाहिए।

यह किसी एक अनिवार्य धार्मिक विधि के बजाय ऐतिहासिक और नागरिक स्मरणोत्सव है। पुष्पांजलि, पोवाड़े, शोभायात्रा, व्याख्यान, नाटक, प्रदर्शनियाँ, विद्यालयी कार्यक्रम और किलों पर सभाएँ शिवाजी महाराज के नेतृत्व, प्रशासन, सैन्य संगठन और सार्वजनिक विरासत को फिर से समझने का अवसर देती हैं।

अनुष्ठान एवं परंपरा

तिथि के अनुसार शिव जयंती स्मरण, इतिहास, संस्कृति और सार्वजनिक भागीदारी से मनाई जाती है। सभा और शोभायात्रा का स्वरूप स्थानीय नागरिक व्यवस्था तय करती है।

  • पुष्पांजलि: छत्रपति शिवाजी महाराज के चित्र, प्रतिमा और स्मारक साफ-सजाकर उन पर फूल और मालाएँ अर्पित की जाती हैं।
  • पोवाड़ा और इतिहास-कथन: गायक, वक्ता और रंगमंच समूह पोवाड़े, पाठ, नाटक और व्याख्यान से शिवाजी महाराज के जीवन के प्रसंग सुनाते हैं।
  • शोभायात्रा और ध्वज: स्थानीय सुरक्षा और नागरिक नियमों के अनुसार पारंपरिक वेशभूषा, संगीत और केसरिया ध्वजों के साथ रैली हो सकती है।
  • किलों पर कार्यक्रम: शिवनेरी, रायगढ़, सिंहगढ़ और मराठा इतिहास से जुड़े स्थानों पर स्मरण तथा धरोहर-केंद्रित कार्यक्रम होते हैं।
  • शिक्षा और जनसेवा: विद्यालय और संगठन प्रदर्शनी, प्रतियोगिता, किला-सफाई या दिन के नागरिक अर्थ से जुड़े सेवा-कार्य कर सकते हैं।

क्षेत्रीय विविधताएँ

महाराष्ट्र — तिथि परंपरा
यह बदलती तिथि मराठी चंद्र कैलेंडर की फाल्गुन वद्य तृतीया को मानती है और पारंपरिक जन्म-तिथि गणना को प्राथमिकता देने वाले समुदाय इसे मनाते हैं।
19 फ़रवरी का आधिकारिक स्मरणोत्सव
महाराष्ट्र 19 फ़रवरी को आधिकारिक निश्चित छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती भी मनाता है। दोनों पृष्ठ समान ऐतिहासिक व्यक्ति की समानांतर नागरिक और कैलेंडर परंपराएँ दिखाते हैं, डुप्लिकेट डेटा नहीं।
यह तिथि कैसे निर्धारित होती है

यह पर्व चंद्र पंचांग के अनुसार चैत्र कृष्ण तृतीया के संयोग पर निर्धारित होता है।

तिथियाँ NASA/JPL की खगोलीय गणना से निकाली जाती हैं और पारंपरिक पंचांग के अनुरूप होती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में तिथि के अनुसार शिव जयंती कब है?
2027 में फाल्गुन वद्य तृतीया के अनुसार शिव जयंती 25 मार्च 2027, गुरुवार को है।
तिथि की तारीख हर वर्ष क्यों बदलती है?
फाल्गुन वद्य तृतीया चंद्र दिवस है। चंद्र तिथियाँ अंग्रेज़ी कैलेंडर के मुकाबले खिसकती रहती हैं, इसलिए नागरिक तारीख बदलती है।
शिव जयंती 19 फ़रवरी को है या फाल्गुन वद्य तृतीया को?
महाराष्ट्र में दोनों स्मरणोत्सव मिलते हैं। आधिकारिक राज्य जयंती 19 फ़रवरी को निश्चित है, जबकि यह पृष्ठ पारंपरिक चंद्र जन्म-तिथि मानता है।
किसकी जन्म-जयंती मनाई जाती है?
दोनों तिथियाँ 1630 में शिवनेरी किले में जन्मे और मराठा राज्य की स्थापना करने वाले छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती हैं।
तिथि के अनुसार शिव जयंती कैसे मनाई जाती है?
सामान्य आयोजनों में पुष्पांजलि, शोभायात्रा, पोवाड़े, व्याख्यान, नाटक, प्रदर्शनियाँ, विद्यालयी कार्यक्रम और शिवाजी महाराज से जुड़े किलों पर सभा या धरोहर-कार्य शामिल हैं।

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