छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती
यह कब पड़ता है
तिथि बदलती है क्योंकि यह चंद्रमा का अनुसरण करती है, ग्रेगोरियन कैलेंडर का नहीं।
भारत (IST) के लिए सटीक पंचांग गणना। दूर पूर्व या पश्चिम के स्थानों पर तिथि एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।
छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती क्या स्मरण करती है
छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती छत्रपति शिवाजी महाराज की जन्म-जयंती है, जिनका जन्म 19 फ़रवरी 1630 को शिवनेरी किले में हुआ। उन्होंने सत्रहवीं शताब्दी में मराठा राज्य की स्थापना की और सैन्य नेतृत्व, किलों, प्रशासन तथा स्वराज्य के आदर्श से जुड़े महाराष्ट्र के ऐतिहासिक स्मरण में केंद्रीय स्थान रखते हैं।
यह किसी देवता का पर्व नहीं, बल्कि नागरिक और ऐतिहासिक स्मरणोत्सव है। सार्वजनिक कार्यक्रम उनके जीवन, नेतृत्व, सैन्य संगठन, प्रशासन और महाराष्ट्र के किलों से संबंध को सामने लाते हैं। पोवाड़े, व्याख्यान, नाटक, प्रदर्शनियाँ और विद्यालयी कार्यक्रम इस दिन को सामूहिक स्मरण के साथ इतिहास-शिक्षा का अवसर भी बनाते हैं।
महाराष्ट्र में दो तिथि-परंपराएँ मिलती हैं: 19 फ़रवरी का आधिकारिक राज्य स्मरणोत्सव और फाल्गुन कृष्ण तृतीया की अलग गणना वाली तिथि के अनुसार छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती। यह पृष्ठ निश्चित नागरिक तिथि का स्मरणोत्सव दिखाता है; लिंक वाला पृष्ठ हर वर्ष बदलने वाली चंद्र तिथि बताता है।
अनुष्ठान एवं परंपरा
शिवाजी महाराज जयंती किसी एक अनिवार्य धार्मिक विधि के बजाय स्मारक, शैक्षिक, सांस्कृतिक और धरोहर-केंद्रित कार्यक्रमों से मनाई जाती है।
- स्मारकों पर पुष्पांजलि: छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमाओं, चित्रों और सार्वजनिक स्मारकों को साफ-सजाकर फूल और मालाएँ अर्पित की जाती हैं।
- शोभायात्रा और ध्वज: स्थानीय नागरिक व्यवस्था के अनुसार समुदाय पारंपरिक वेशभूषा, संगीत और केसरिया ध्वजों के साथ रैली और शोभायात्रा आयोजित करते हैं।
- पोवाड़ा और इतिहास-कथन: गायक, वक्ता और रंगमंच समूह पोवाड़ों, नाटकों, व्याख्यानों और पाठ के माध्यम से शिवाजी महाराज के जीवन के प्रसंग सुनाते हैं।
- किलों पर कार्यक्रम: शिवनेरी, रायगढ़, सिंहगढ़ और मराठा इतिहास से जुड़े अन्य किलों पर स्मरण-सभा, सांस्कृतिक प्रस्तुति और इतिहास-परिचय के कार्यक्रम होते हैं।
- धरोहर और जनसेवा: विद्यालय और सामुदायिक समूह प्रदर्शनी, प्रतियोगिता, किला-सफाई या दिन के नागरिक अर्थ से जुड़े सेवा-कार्य आयोजित कर सकते हैं।
क्षेत्रीय विविधताएँ
यह तिथि कैसे निर्धारित होती है
यह पर्व हर वर्ष ग्रेगोरियन कैलेंडर की इसी निश्चित तिथि पर मनाया जाता है।