मुख्य सामग्री पर जाएं
उगादि के लिए वसंत की भोर में आम-पत्तों का तोरण, कलश और उगादि पचड़ी

उगादी

आगामी
214 दिनों में
प्रमुख पर्व नव वर्ष
उगादी 2027 7 अप्रैल 2027, बुधवार को है। यह तेलुगू और कन्नड़ परिवारों का चांद्र नववर्ष है, जो चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रथम तिथि (प्रतिपदा) को मनाया जाता है। प्रातःकाल उगादी पच्चड़ी से चिह्नित होता है — एक व्यंजन जिसमें छह स्वाद होते हैं — और आने वाले वर्ष के पंचांग का वाचन (पंचांग श्रवणम्) किया जाता है। चूँकि यह चांद्र पंचांग का अनुसरण करता है, इसकी ग्रेगोरियन तिथि हर साल बदलती है, जो प्रायः मार्च के अंत से अप्रैल के मध्य के बीच पड़ती है।

यह कब पड़ता है

तिथि बदलती है क्योंकि यह चंद्रमा का अनुसरण करती है, ग्रेगोरियन कैलेंडर का नहीं।

भारत (IST) के लिए सटीक पंचांग गणना। दूर पूर्व या पश्चिम के स्थानों पर तिथि एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।

महत्व और कथा

उगादी आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में पालन की जाने वाली चांद्र गणना के अनुसार नववर्ष का आरंभ है। यह नाम युग (काल) और आदि (आरंभ) से बना है — एक नए चक्र का आरंभ। यह चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को पड़ता है, प्रथम चांद्र मास के शुक्ल पक्ष का पहला दिन, जब वसंत की फसलें आ चुकी होती हैं और पुराने वर्ष को समाप्त माना जाता है।

परंपरा के अनुसार इसी दिन सृष्टि का आरंभ हुआ माना जाता है, और यही वह दिन है जिसे कई पुराने पंचांग आने वाले वर्ष के प्रारंभ-बिंदु के रूप में लेते हैं। साठ वर्षों के चक्र में प्रत्येक वर्ष का अपना नाम होता है। परिवार इस दिन का उपयोग बीते वर्ष का लेखा-जोखा करने और आरंभ हो रहे वर्ष का स्वागत करने में करते हैं।

सबसे विशिष्ट रीति उगादी पच्चड़ी है, एक छोटा व्यंजन जो छह स्वादों को मिलाता है — कड़वाहट के लिए नीम के फूल, मिठास के लिए गुड़, खटास के लिए इमली, नमक, तीखेपन के लिए कच्चा आम, और गर्मी के लिए मिर्च। सबसे पहले इसे खाया जाता है, जो यह सरल स्मरण कराता है कि आने वाला वर्ष इन सबको अपने में समेटे रहेगा — इनमें से चुनने के बजाय इन्हें एक साथ स्वीकार करते हुए।

अनुष्ठान एवं परंपरा

उगादी कैसे मनाई जाती है:

  • दिन का आरंभ प्रायः सूर्योदय से पहले तेल स्नान और नए या ताज़े वस्त्रों के साथ होता है, जो वर्ष की एक स्वच्छ शुरुआत का प्रतीक है।
  • उगादी पच्चड़ी बनाई जाती है और सबसे पहले खाई जाती है — एक ही व्यंजन जो छहों स्वादों (कड़वा, मीठा, खट्टा, नमकीन, चटपटा और तीखा) को मिलाता है, यह स्मरण कराते हुए कि वर्ष इन सबको समेटे रहेगा।
  • द्वारों को आम के पत्तों (तोरणम्) और रंगोली से सजाया जाता है; पहले के दिनों में घरों की अच्छी तरह सफ़ाई की जाती है।
  • अनेक लोग पंचांग श्रवणम् में सम्मिलित होते हैं — मंदिर में नववर्ष के पंचांग का सार्वजनिक वाचन, जहाँ पुरोहित वर्षा, फसल और आने वाले महीनों का पूर्वानुमान बताते हैं।
  • परिवार उत्सव का भोजन बनाते हैं, प्रायः पुलिहोरा (इमली चावल), बोब्बट्लु/होलिगे (मीठी भरी रोटी) और मौसमी आम के साथ।

क्षेत्रीय विविधताएँ

महाराष्ट्र और गोवा
यही चैत्र प्रतिपदा तिथि मराठी और कोंकणी नववर्ष है, जो गुड़ी पड़वा के रूप में मनाई जाती है — एक बाँस के डंडे पर चमकीला कपड़ा और माला (गुड़ी) लगाकर उसे द्वार पर फहराया जाता है।
उत्तर और पश्चिम भारत
यही दिन वसंत नवरात्रि की नौ रातों (चैत्र नवरात्रि) का आरंभ करता है, जो नौवें दिन राम नवमी तक चलती हैं।
यह तिथि कैसे निर्धारित होती है

यह पर्व चंद्र पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के संयोग पर निर्धारित होता है।

तिथियाँ NASA/JPL की खगोलीय गणना से निकाली जाती हैं और पारंपरिक पंचांग के अनुरूप होती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में उगादी किस तिथि को है?
उगादी 2027 7 अप्रैल 2027 (बुधवार) को है।
उगादी की तिथि हर साल क्यों बदलती है?
यह हिंदू चांद्र पंचांग का अनुसरण करती है, और चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को पड़ती है — चैत्र मास के शुक्ल पक्ष का पहला दिन। चूँकि चांद्र मास ग्रेगोरियन वर्ष से मेल नहीं खाते, इसलिए तिथि खिसकती रहती है, जो प्रायः मार्च के अंत से अप्रैल के मध्य के बीच पड़ती है।
क्या उगादी और गुड़ी पड़वा एक ही दिन हैं?
ये एक ही तिथि — चैत्र शुक्ल प्रतिपदा — को पड़ते हैं, इसलिए इनकी तिथि लगभग हमेशा एक ही होती है, परंतु ये अलग-अलग त्योहार हैं। उगादी तेलुगू और कन्नड़ नववर्ष है; गुड़ी पड़वा मराठी और कोंकणी नववर्ष है, जो द्वार पर गुड़ी फहराकर मनाया जाता है।
उगादी पच्चड़ी क्या है और इसे क्यों खाया जाता है?
यह एक छोटा व्यंजन है जो सभी छह स्वादों को मिलाता है — कड़वा (नीम), मीठा (गुड़), खट्टा (इमली), नमकीन, चटपटा (कच्चा आम) और तीखा (मिर्च)। त्योहार की सुबह सबसे पहले इसे खाया जाता है, जो यह स्वीकार करने का प्रतीक है कि आने वाला वर्ष इन सबको एक साथ लाएगा।
उगादी मुख्यतः कहाँ मनाई जाती है?
मुख्यतः आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में, तेलुगू और कन्नड़ भाषी समुदायों द्वारा। यही चांद्र नववर्ष का दिन अन्यत्र अलग-अलग नामों से मनाया जाता है — महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा, और उत्तर व पश्चिम भारत में चैत्र नवरात्रि का आरंभ।

संबंधित त्योहार

इसके आसपास योजना बनाएँ