भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर 1961
भारतीय कैलेंडर 1961
Mumbai, Maharashtra, India · 12 चांद्र मास
Mumbai, Maharashtra, India
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1961 में भारतीय कैलेंडर के अनुसार 284 त्योहार और व्रत-पर्व आते हैं। प्रमुख उत्सवों में शामिल हैं: Republic Day, Holi, Independence Day, Sharad Navratri, Dussehra। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
जनवरी
Januaryफ़रवरी
February
FEB13
Lord Shiva
व्रत एवं उपवास के दिन
चतुर्थी व चौथ
शिवरात्रि
अन्य उपवास
मार्च
Marchअप्रैल
Aprilमई
Mayजून
Juneजुलाई
Julyअगस्त
Augustसितंबर
September
SEP1
Lord Krishna
SEP12
Lord Vishnu (Varaha avatar)
SEP14
Lord Ganesha
SEP16
Lord Balarama
SEP16
Goddess Gauri (Mahalakshmi)
SEP17
Goddess Gauri (Mahalakshmi)
SEP18
Radha
SEP18
Goddess Gauri (Mahalakshmi)
SEP21
Lord Vishnu (Vamana avatar)
SEP23
Lord Vishnu, Lord Ganesha
व्रत एवं उपवास के दिन
एकादशी
चतुर्थी व चौथ
शिवरात्रि
पूर्णिमा
अक्तूबर
October
OCT10
Sharad Navratri
मुख्य
Goddess Durga
OCT15
Goddess Saraswati
OCT15
Goddess Durga
OCT16
Goddess Saraswati
OCT16
Goddess Durga
OCT17
Goddess Durga
OCT17
Goddess Saraswati
OCT18
Goddess Durga
OCT18
Goddess Saraswati
OCT18
Goddess Durga
OCT19
Goddess Durga
OCT23
Goddess Lakshmi, Lord Krishna
व्रत एवं उपवास के दिन
चतुर्थी व चौथ
शिवरात्रि
पूर्णिमा
नवंबर
November
NOV6
Lord Hanuman
NOV7
Lord Krishna
NOV7
Goddess Lakshmi, Goddess Sharda
NOV9
Lord Krishna
NOV10
Yama, Yamuna
NOV14
Surya (Sun God), Chhathi Maiya
NOV14
Sant Jalaram Bapa
NOV16
Goddess Jagaddhatri
NOV17
Lord Krishna
NOV19
Tulsi, Lord Vishnu
NOV22
Lord Shiva
NOV22
Lord Krishna, Radha
NOV30
Kalabhairava (Shiva)
व्रत एवं उपवास के दिन
चतुर्थी व चौथ
शिवरात्रि
पूर्णिमा
दिसंबर
Decemberकुछ भी चयनित नहीं — ऊपर कम से कम एक श्रेणी चालू करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारतीय पर्वों की तारीखें हर ग्रेगोरियन वर्ष में क्यों बदलती हैं?
अधिकांश प्रमुख भारतीय पर्व चन्द्र कैलेंडर द्वारा निर्धारित होते हैं — तिथियाँ और नक्षत्र — जो ग्रेगोरियन सौर वर्ष से लगभग 11 दिन छोटा है। हर वर्ष दीपावली ग्रेगोरियन कैलेंडर पर पिछले वर्ष से लगभग 11 दिन पहले पड़ती है, और हर दो-तीन वर्षों में अधिक मास (अधिकमास) से यह अंतर ठीक होता है। सौर-आधारित पर्व — मकर संक्रान्ति, ओणम, पोंगल — हर वर्ष एक-दो दिन के भीतर एक ही ग्रेगोरियन तारीख पर आते हैं।
कौन-से भारतीय पर्व ग्रेगोरियन कैलेंडर पर स्थिर हैं?
सूर्य की राशि-प्रवेश (संक्रान्ति) से जुड़े पर्व सौर-स्थिर हैं। प्रमुख: मकर संक्रान्ति / पोंगल / उत्तरायण (14-15 जनवरी), मेष संक्रान्ति / बैसाखी / पुथंडु / विशु / पोइला बैशाख (13-14 अप्रैल), कर्क संक्रान्ति (15-16 जुलाई)। क्रिसमस (25 दिसम्बर) ग्रेगोरियन-स्थिर है। अन्य सभी प्रमुख पर्व — दीपावली, होली, नवरात्रि, ईद, जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, दुर्गा पूजा, एकादशियाँ — चन्द्र-आधारित हैं और प्रति वर्ष 11 दिन खिसकती हैं।
यह पृष्ठ कई परम्पराओं के पर्व क्यों दर्शाता है?
भारत में एक ही एकीकृत पर्व-कैलेंडर नहीं है। तमिल परिवार पोंगल और कार्तिगाई दीपम मनाते हैं; बंगाली परिवार दुर्गा पूजा को सांस्कृतिक पर्व के रूप में देखते हैं; गुजराती परिवार नवरात्रि को क्षेत्रीय विशिष्टता से मनाते हैं; पंजाबी परिवार बैसाखी को फसल-उत्सव के रूप में मनाते हैं। फिर भी सभी समुदाय दीपावली, होली, नवरात्रि और एकादशियाँ किसी न किसी रूप में साझा करते हैं। यह भारतीय कैलेंडर पृष्ठ सबसे व्यापक दृष्टि लेता है।
चातुर्मास क्या है और यह आयोजन-योजना के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
चातुर्मास ('चार मास') देवशयनी एकादशी (आषाढ़ शुक्ल 11, सामान्यतः जून के अंत या जुलाई) से देवउठनी एकादशी (कार्तिक शुक्ल 11, सामान्यतः अक्टूबर-नवम्बर) तक चलता है। इस अवधि में अधिकांश हिन्दू समुदाय विवाह, उपनयन, गृह प्रवेश या मुंडन नहीं करते। यह विराम वर्षा ऋतु के साथ मेल खाता है। देवउठनी एकादशी के तुरन्त बाद नवम्बर से विवाह-ऋतु शुरू होती है। किसी भी शुभ कार्यक्रम की योजना बनाने वाले परिवार के लिए चातुर्मास की तारीखें जानना आवश्यक है।
योजना बनाने लायक प्रमुख सर्वभारतीय पर्व-समूह कौन-से हैं?
वसंत-समूह (मार्च-मई): होली (फाल्गुन पूर्णिमा), राम नवमी (चैत्र शुक्ल 9), अक्षय तृतीया (वैशाख शुक्ल 3), हनुमान जयंती। ग्रीष्म-मानसून: गुरु पूर्णिमा, नाग पंचमी, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी। शरद-समूह (अगस्त-नवम्बर): गणेश चतुर्थी, पितृ पक्ष (15 दिन — कोई शुभ कार्य नहीं), नवरात्रि (9 दिन), दशहरा, दीपावली, भाई दूज। शीत: मकर संक्रान्ति, बसन्त पंचमी — फिर वसंत-समूह से पुनः आरम्भ।
इस पृष्ठ पर पर्व-तिथियाँ कितनी सटीक हैं?
पर्व-तिथियाँ हर वर्ष गणित एफेमेरिस डेटा (लाहिरी अयनांश के साथ सूर्य और चन्द्र की स्थिति) से ताज़ा गणित की जाती हैं। तिथि और नक्षत्र-समय आपके सहेजे गए शहर के सूर्योदय के सापेक्ष हैं। यदि आपके स्थानीय मंदिर के पंचांग में भिन्न तारीख दिखे, तो यह लगभग हमेशा सूर्योदय के सन्दर्भ-नगर के कारण होता है — तिथि-सीमा के पास एक दिन का अंतर सामान्य है।