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गुरु गोचर 2029

2029 में गुरु क्या करता है: कब राशि और नक्षत्र बदलता है, कब वक्री होता है, और कब सूर्य से अस्त होता है। हर तिथि वास्तविक है — जनवरी से पहले शुरू हुई अवधि वैसा ही बताती है।

गुरु — वर्ष दर वर्ष

गुरु इस वर्ष दो बार राशि बदलता है

गुरु पूरे 2029 एक ही राशि में नहीं रहता — नीचे दी तिथियाँ उसके वास्तविक प्रवेश और निर्गम की हैं, कैलेंडर की नहीं।

राशि परिवर्तन
2
नक्षत्र परिवर्तन
4
दिशा परिवर्तन
2
अस्त काल
1

गुरु — राशि दर राशि

  • तुला 26 दिसंबर 2028 → 29 मार्च 2029 (पहले शुरू)
  • कन्या 29 मार्च 2029 → 25 अगस्त 2029 पुनः प्रवेश
  • तुला 25 अगस्त 2029 → 25 जनवरी 2030 (आगे भी जारी) पुनः प्रवेश

2029 में क्या होता है

  • 10 फरवरी 2029 वक्री होता है — तुला 3.2°
  • 14 जून 2029 मार्गी होता है — कन्या 23.2°
  • 17 अक्टूबर 2029 गुरु 14 नवंबर 2029 तक अस्त रहता है सूर्य से 11° के भीतर — शास्त्रीय जन्मकालीन कक्षा। अस्त ग्रह के फल इस अवधि में रुके रहते हैं।

स्तंभन तिथियाँ IST में हैं। स्तंभन एक क्षण होता है, इसलिए दूसरे समय-क्षेत्र के स्रोत इसे एक दिन आगे-पीछे दिखा सकते हैं।

नक्षत्रों में गुरु

राशि लंबा अध्याय है। नक्षत्र उसके भीतर का छोटा हिस्सा है, और उसका अपना स्वामी ग्रह होता है — यही गोचर का स्वभाव बदलता है।

नक्षत्र स्वामी से तक अवधि
चित्रा मंगल 16 नवंबर 2028 6 जून 2029 6.6 माह
हस्ता चंद्र 6 जून 2029 22 जून 2029 0.5 माह पुनः प्रवेश
चित्रा मंगल 22 जून 2029 29 सितंबर 2029 3.2 माह पुनः प्रवेश
स्वाति राहु 29 सितंबर 2029 29 नवंबर 2029 2 माह
विशाखा गुरु 29 नवंबर 2029 10 मार्च 2030 3.3 माह

वक्री होने पर ग्रह नक्षत्र की सीमा दोबारा पार करता है, इसलिए एक ही नक्षत्र एक से अधिक बार दिख सकता है। ऐसी पंक्तियाँ पुनः प्रवेश के रूप में चिह्नित हैं।