वैदिक व्रत सुझाव

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Fasting (Vrat) in Vedic Astrology

Fasting on the day ruled by a specific planet is considered one of the most effective remedies in Vedic tradition. It strengthens weak planets and pacifies afflicted ones through discipline and devotion.

Planet Fast Day Recommended Foods
SunSundayWheat, jaggery, fruits (no salt)
MoonMondayMilk, rice, white foods
MarsTuesdayRed lentils, jaggery (one meal)
MercuryWednesdayGreen moong, fruits
JupiterThursdayYellow dal, bananas, turmeric rice
VenusFridayWhite foods, kheer, fruits
SaturnSaturdayBlack sesame, black urad dal (one meal)

वैदिक व्रत (उपवास) क्या है?

वैदिक व्रत (उपवास) ग्रह देवताओं से संबंधित विशिष्ट दिनों में भोजन से परहेज करने की प्रथा है। सप्ताह का प्रत्येक दिन एक ग्रह द्वारा शासित होता है, और उस दिन व्रत रखना जन्म कुंडली में पीड़ित या पाप ग्रह को शांत करने का एक शक्तिशाली उपाय है।

व्रत सबसे सुलभ वैदिक उपायों में से एक है, जिसमें कोई भौतिक व्यय नहीं होता। स्कंद पुराण और विभिन्न धर्म शास्त्रों में इसका वर्णन शरीर को शुद्ध करने, मन को अनुशासित करने और नकारात्मक ग्रहीय कर्मों की क्षतिपूर्ति करने वाला आध्यात्मिक पुण्य उत्पन्न करने के साधन के रूप में किया गया है।

ग्रहीय व्रत कैसे कार्य करता है?

प्रत्येक वार एक ग्रह से संबंधित है: रविवार (सूर्य), सोमवार (चंद्र), मंगलवार (मंगल), बुधवार (बुध), गुरुवार (गुरु), शुक्रवार (शुक्र), और शनिवार (शनि)। ग्रह के दिन व्रत रखना, विशेषकर उसकी दशा के दौरान, उस ग्रह के पाप प्रभाव को कम करता है।

व्रत के नियम ग्रह के अनुसार भिन्न होते हैं। कुछ में सूर्यास्त तक पूर्ण उपवास आवश्यक है, जबकि अन्य में विशिष्ट भोजन की अनुमति होती है। शनिवार को शनि के व्रत में नमक वर्जित है, गुरुवार को गुरु के व्रत में केवल पीले भोजन, और सोमवार को चंद्र के व्रत में एक बार दुग्ध-आधारित भोजन की अनुमति है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न