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गुरु गोचर 2025

2025 में गुरु क्या करता है: कब राशि और नक्षत्र बदलता है, कब वक्री होता है, और कब सूर्य से अस्त होता है। हर तिथि वास्तविक है — जनवरी से पहले शुरू हुई अवधि वैसा ही बताती है।

गुरु — वर्ष दर वर्ष

गुरु इस वर्ष 3 बार राशि बदलता है

गुरु पूरे 2025 एक ही राशि में नहीं रहता — नीचे दी तिथियाँ उसके वास्तविक प्रवेश और निर्गम की हैं, कैलेंडर की नहीं।

राशि परिवर्तन
3
नक्षत्र परिवर्तन
3
दिशा परिवर्तन
2
अस्त काल
1

गुरु — राशि दर राशि

  • वृषभ 1 मई 2024 → 15 मई 2025 (पहले शुरू)
  • मिथुन 15 मई 2025 → 18 अक्टूबर 2025
  • कर्क 18 अक्टूबर 2025 → 5 दिसंबर 2025
  • मिथुन 5 दिसंबर 2025 → 2 जून 2026 (आगे भी जारी) पुनः प्रवेश

2025 में क्या होता है

  • 4 फरवरी 2025 मार्गी होता है — वृषभ 17.1°
  • 11 नवंबर 2025 वक्री होता है — कर्क 0.9°
  • 9 जून 2025 गुरु 10 जुलाई 2025 तक अस्त रहता है सूर्य से 11° के भीतर — शास्त्रीय जन्मकालीन कक्षा। अस्त ग्रह के फल इस अवधि में रुके रहते हैं।

स्तंभन तिथियाँ IST में हैं। स्तंभन एक क्षण होता है, इसलिए दूसरे समय-क्षेत्र के स्रोत इसे एक दिन आगे-पीछे दिखा सकते हैं।

नक्षत्रों में गुरु

राशि लंबा अध्याय है। नक्षत्र उसके भीतर का छोटा हिस्सा है, और उसका अपना स्वामी ग्रह होता है — यही गोचर का स्वभाव बदलता है।

नक्षत्र स्वामी से तक अवधि
रोहिणी चंद्र 28 नवंबर 2024 10 अप्रैल 2025 4.4 माह पुनः प्रवेश
मृगशिरा मंगल 10 अप्रैल 2025 13 जून 2025 2.1 माह पुनः प्रवेश
आर्द्रा राहु 13 जून 2025 13 अगस्त 2025 2 माह
पुनर्वसु गुरु 13 अगस्त 2025 18 जून 2026 10.2 माह

वक्री होने पर ग्रह नक्षत्र की सीमा दोबारा पार करता है, इसलिए एक ही नक्षत्र एक से अधिक बार दिख सकता है। ऐसी पंक्तियाँ पुनः प्रवेश के रूप में चिह्नित हैं।