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गुरु गोचर 2027

2027 में गुरु क्या करता है: कब राशि और नक्षत्र बदलता है, कब वक्री होता है, और कब सूर्य से अस्त होता है। हर तिथि वास्तविक है — जनवरी से पहले शुरू हुई अवधि वैसा ही बताती है।

गुरु — वर्ष दर वर्ष

गुरु इस वर्ष 3 बार राशि बदलता है

गुरु पूरे 2027 एक ही राशि में नहीं रहता — नीचे दी तिथियाँ उसके वास्तविक प्रवेश और निर्गम की हैं, कैलेंडर की नहीं।

राशि परिवर्तन
3
नक्षत्र परिवर्तन
4
दिशा परिवर्तन
1
अस्त काल
1

गुरु — राशि दर राशि

  • सिंह 31 अक्टूबर 2026 → 25 जनवरी 2027 (पहले शुरू)
  • कर्क 25 जनवरी 2027 → 26 जून 2027 पुनः प्रवेश
  • सिंह 26 जून 2027 → 26 नवंबर 2027 पुनः प्रवेश
  • कन्या 26 नवंबर 2027 → 28 फरवरी 2028 (आगे भी जारी)

2027 में क्या होता है

  • 13 अप्रैल 2027 मार्गी होता है — कर्क 22.8°
  • 16 अगस्त 2027 गुरु 15 सितंबर 2027 तक अस्त रहता है सूर्य से 11° के भीतर — शास्त्रीय जन्मकालीन कक्षा। अस्त ग्रह के फल इस अवधि में रुके रहते हैं।

स्तंभन तिथियाँ IST में हैं। स्तंभन एक क्षण होता है, इसलिए दूसरे समय-क्षेत्र के स्रोत इसे एक दिन आगे-पीछे दिखा सकते हैं।

नक्षत्रों में गुरु

राशि लंबा अध्याय है। नक्षत्र उसके भीतर का छोटा हिस्सा है, और उसका अपना स्वामी ग्रह होता है — यही गोचर का स्वभाव बदलता है।

नक्षत्र स्वामी से तक अवधि
मघा केतु 31 अक्टूबर 2026 25 जनवरी 2027 2.8 माह
आश्लेषा बुध 25 जनवरी 2027 26 जून 2027 5 माह पुनः प्रवेश
मघा केतु 26 जून 2027 31 अगस्त 2027 2.2 माह पुनः प्रवेश
पूर्वा फाल्गुनी शुक्र 31 अगस्त 2027 4 नवंबर 2027 2.2 माह
उत्तरा फाल्गुनी सूर्य 4 नवंबर 2027 25 मार्च 2028 4.7 माह

वक्री होने पर ग्रह नक्षत्र की सीमा दोबारा पार करता है, इसलिए एक ही नक्षत्र एक से अधिक बार दिख सकता है। ऐसी पंक्तियाँ पुनः प्रवेश के रूप में चिह्नित हैं।