गुरु गोचर 2026
गुरु इस समय कहाँ गोचर कर रहा है, और इसका हर चंद्र राशि के लिए क्या अर्थ है।
गोज्ञर विश्लेषण
- राशि में डिग्री
- 29.6°
- नक्षत्र
- पुनर्वसु
- इस राशि में आने की तिथि
- दिस॰ 2025
- इस राशि से जाने की तिथि
- जून 2026
31 मई 2026, 00:00 तक
मिथुन में गुरु: सामान्य विषय
बृहस्पति मिथुन से गुज़रता है, संवाद, जिज्ञासा और प्रचलन में विचारों की श्रृंखला का विस्तार करता है। यह गोचर लेखकों, शिक्षकों, छात्रों और व्यापार या कम दूरी के आवागमन में लगे लोगों के लिए अनुकूल होता है।
मिथुन में बृहस्पति के साथ मन और वाणी का विस्तार होता है। सीखना अधिक सुलभ लगता है, और इस अवधि में बने संपर्क भविष्य में मूल्यवान साबित होते हैं। एक साथ बहुत सारे धागों की प्रवृत्ति बढ़ जाती है, इसलिए बड़े लाभ उन्हें मिलते हैं जो बृहस्पति की उदारता को एक समय में एक लक्ष्य के लिए लाते हैं।
गुरु गोचर समयरेखा
| राशि | से | तक | |
|---|---|---|---|
| वृषभ | मई 2024 | मई 2025 | |
| मिथुन | मई 2025 | अक्तू॰ 2025 | |
| कर्क | अक्तू॰ 2025 | दिस॰ 2025 | |
| मिथुन अभी | दिस॰ 2025 | जून 2026 | पुनःप्रवेश |
| कर्क | जून 2026 | नव॰ 2026 | पुनःप्रवेश |
| सिंह | नव॰ 2026 | जन॰ 2027 | |
| कर्क | जन॰ 2027 | जून 2027 | पुनःप्रवेश |
| सिंह | जून 2027 | नव॰ 2027 | पुनःप्रवेश |
| कन्या | नव॰ 2027 | फ़र॰ 2028 | |
| सिंह | फ़र॰ 2028 | जुल॰ 2028 | पुनःप्रवेश |
| कन्या | जुल॰ 2028 | दिस॰ 2028 | पुनःप्रवेश |
| तुला | दिस॰ 2028 | मार्च 2029 | |
| कन्या | मार्च 2029 | अग॰ 2029 | पुनःप्रवेश |
| तुला | अग॰ 2029 | जन॰ 2030 | पुनःप्रवेश |
| वृश्चिक | जन॰ 2030 | मई 2030 | |
| तुला | मई 2030 | सित॰ 2030 | पुनःप्रवेश |
| वृश्चिक | सित॰ 2030 | फ़र॰ 2031 | पुनःप्रवेश |
| धनु | फ़र॰ 2031 | जून 2031 | |
| वृश्चिक | जून 2031 | अक्तू॰ 2031 | पुनःप्रवेश |
| धनु | अक्तू॰ 2031 | मार्च 2032 | पुनःप्रवेश |
| मकर | मार्च 2032 | मई 2032 |
गुरु इन राशियों पर दृष्टि डालता है
गुरु इन राशियों पर अपनी विशेष दृष्टि (पूर्ण दृष्टि) डालता है।
12 जन्म राशियों में गुरु
पहले कॉलम में अपनी जन्म राशि ढूंढें ताकि देखें यह गोज्ञर आपके लिए कैसा है। चंद्र से प्रत्येक भाव के विषयों का संक्षिप्त विवरण यहां मुफ़्त है; अपना पूरा व्यक्तिगत विश्लेषण देखने के लिए उपर अपनी कुंडली लोड करें।
| जन्म राशि | चंद्र से भाव | क्या अपेक्षा रखें |
|---|---|---|
| मेष | 3 | चंद्रमा से 3rd भाव में बृहस्पति का गोचर सामान्यतः अनुकूल नहीं होता, जिससे प्रयासों में ठहराव, भाई-बहन से तनाव और पहल का फल कम मिलता है। |
| वृषभ | 2 | चंद्रमा से 2nd भाव में बृहस्पति का गोचर परंपरागत रूप से धन-संचय, पारिवारिक सामंजस्य और मधुर वाणी के लिए सहायक माना जाता है। |
| मिथुन | 1 | चंद्रमा से 1st भाव में बृहस्पति का गोचर शास्त्रीय रूप से मन की सहजता और self-direction के लिए चुनौतीपूर्ण माना जाता है; इसमें संयम, grounded judgment और धैर्यपूर्ण self-review जरूरी है। |
| कर्क | 12 | चंद्रमा से 12th भाव में बृहस्पति भौतिक रूप से अनुकूल नहीं होता, खर्च बढ़ाता है और विस्थापन ला सकता है, पर आध्यात्मिक रूप से गहरा परिवर्तन देता है। |
| सिंह | 11 | चंद्रमा से 11th भाव में बृहस्पति बहुत सहायक माना जाता है और लाभ, इच्छाओं की पूर्ति तथा प्रभावशाली नेटवर्क के अवसर बढ़ा सकता है। |
| कन्या | 10 | चंद्रमा से 10th भाव में बृहस्पति करियर स्थिरता के लिए अनुकूल नहीं होता, जिससे प्रोफेशनल setbacks और authority से तनाव आ सकता है। |
| तुला | 9 | चंद्रमा से 9th भाव में बृहस्पति का गोचर बृहस्पति के सबसे सहायक गोचरों में माना जाता है; यह भाग्य, आध्यात्मिक ज्ञान, उच्च शिक्षा और गुरु-मार्गदर्शन के अवसर बढ़ा सकता है। |
| वृश्चिक | 8 | चंद्रमा से 8th भाव में बृहस्पति अनुकूल नहीं होता, और अचानक बाधाएं, स्वास्थ्य चिंता तथा shared finances में उलझन ला सकता है, हालांकि आध्यात्मिक समझ बढ़ती है। |
| धनु | 7 | चंद्रमा से 7th भाव में बृहस्पति विवाह, पार्टनरशिप और सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए परंपरागत रूप से सहायक माना जाता है। |
| मकर | 6 | चंद्रमा से 6th भाव में बृहस्पति अनुकूल नहीं होता, और स्वास्थ्य, विरोधी व ऋण के मुद्दों में सावधानी की जरूरत रहती है। |
| कुंभ | 5 | चंद्रमा से 5th भाव में बृहस्पति का गोचर शुभ माना जाता है और रचनात्मकता, बच्चों, रोमांस और बुद्धि को विस्तार दे सकता है। |
| मीन | 4 | चंद्रमा से 4th भाव में बृहस्पति घरेलू शांति और inner contentment के लिए शास्त्रीय रूप से चुनौतीपूर्ण माना जाता है; घर, संपत्ति, माता और emotional stability में सावधानी चाहिए। |
जन्म चंद्रमा से भाव आपकी जन्म राशि से शनि की वर्तमान राशि तक गिना जाता है।
गोचर विश्लेषण क्या है?
गोचर विश्लेषण ग्रहों की वर्तमान वास्तविक समय की स्थितियों का अध्ययन करता है और यह देखता है कि वे आपकी जन्म कुंडली की स्थिर स्थितियों के साथ कैसे संवाद करती हैं। जन्म के बाद जैसे-जैसे ग्रह राशि चक्र में आगे बढ़ते हैं, वे आपकी जन्मकालीन स्थितियों के साथ अस्थायी संबंध बनाते हैं — अलग-अलग भावों को सक्रिय करते हुए जीवन में नए विषयों को जन्म देते हैं।
जबकि आपकी जन्म कुंडली एक स्थिर तस्वीर है, गोचर गतिशील होते हैं। ये बताते हैं कि कुछ समय विस्तारशील या चुनौतीपूर्ण क्यों लगते हैं। आपकी चंद्र राशि पर गुरु का गोचर आशावाद और अवसर ला सकता है, जबकि उसी बिंदु पर शनि का गोचर अनुशासन और धैर्य की मांग कर सकता है। गोचर आपकी जन्म क्षमता और वास्तविक अनुभव के बीच का सेतु हैं।
गोचर विश्लेषण कैसे काम करता है?
यह उपकरण उच्च-सटीकता खगोलीय इंजन का उपयोग करके प्रत्येक ग्रह की वर्तमान सायन देशांतर की गणना करता है और इसकी तुलना आपकी जन्म चंद्र राशि से करता है। वैदिक ज्योतिष में गोचर मुख्य रूप से चंद्र (चंद्र लग्न) से पढ़े जाते हैं, न कि लग्न से। गोचर करता हुआ ग्रह आपकी चंद्र राशि से जिस भाव में होता है, वह विशिष्ट जीवन क्षेत्रों पर उसके प्रभाव को निर्धारित करता है।
शनि (प्रति राशि 2.5 वर्ष), गुरु (लगभग 1 वर्ष प्रति राशि), और राहु-केतु (1.5 वर्ष प्रति राशि) जैसे धीमी गति वाले ग्रह सबसे महत्वपूर्ण गोचर प्रभाव उत्पन्न करते हैं। यह उपकरण इन प्रमुख गोचरों को दर्शाता है, बताता है कि कौन सा जन्म भाव सक्रिय है, और यह भी नोट करता है कि शास्त्रीय ग्रंथ आपकी चंद्र राशि के लिए गोचर को अनुकूल मानते हैं या चुनौतीपूर्ण।