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गुरु गोचर 2024

2024 में गुरु क्या करता है: कब राशि और नक्षत्र बदलता है, कब वक्री होता है, और कब सूर्य से अस्त होता है। हर तिथि वास्तविक है — जनवरी से पहले शुरू हुई अवधि वैसा ही बताती है।

गुरु — वर्ष दर वर्ष

गुरु इस वर्ष एक बार राशि बदलता है

गुरु पूरे 2024 एक ही राशि में नहीं रहता — नीचे दी तिथियाँ उसके वास्तविक प्रवेश और निर्गम की हैं, कैलेंडर की नहीं।

राशि परिवर्तन
1
नक्षत्र परिवर्तन
5
दिशा परिवर्तन
1
अस्त काल
1

गुरु — राशि दर राशि

  • मेष 22 अप्रैल 2023 → 1 मई 2024 (पहले शुरू)
  • वृषभ 1 मई 2024 → 15 मई 2025 (आगे भी जारी)

2024 में क्या होता है

  • 9 अक्टूबर 2024 वक्री होता है — वृषभ 27.1°
  • 3 मई 2024 गुरु 3 जून 2024 तक अस्त रहता है सूर्य से 11° के भीतर — शास्त्रीय जन्मकालीन कक्षा। अस्त ग्रह के फल इस अवधि में रुके रहते हैं।

स्तंभन तिथियाँ IST में हैं। स्तंभन एक क्षण होता है, इसलिए दूसरे समय-क्षेत्र के स्रोत इसे एक दिन आगे-पीछे दिखा सकते हैं।

नक्षत्रों में गुरु

राशि लंबा अध्याय है। नक्षत्र उसके भीतर का छोटा हिस्सा है, और उसका अपना स्वामी ग्रह होता है — यही गोचर का स्वभाव बदलता है।

नक्षत्र स्वामी से तक अवधि
अश्विनी केतु 27 नवंबर 2023 3 फरवरी 2024 2.2 माह पुनः प्रवेश
भरणी शुक्र 3 फरवरी 2024 17 अप्रैल 2024 2.4 माह पुनः प्रवेश
कृत्तिका सूर्य 17 अप्रैल 2024 13 जून 2024 1.9 माह
रोहिणी चंद्र 13 जून 2024 20 अगस्त 2024 2.2 माह
मृगशिरा मंगल 20 अगस्त 2024 28 नवंबर 2024 3.3 माह
रोहिणी चंद्र 28 नवंबर 2024 10 अप्रैल 2025 4.4 माह पुनः प्रवेश

वक्री होने पर ग्रह नक्षत्र की सीमा दोबारा पार करता है, इसलिए एक ही नक्षत्र एक से अधिक बार दिख सकता है। ऐसी पंक्तियाँ पुनः प्रवेश के रूप में चिह्नित हैं।