राहु गोचर 2026
राहु इस समय कहाँ गोचर कर रहा है, और इसका हर चंद्र राशि के लिए क्या अर्थ है।
गोज्ञर विश्लेषण
- राशि में डिग्री
- 10.0°
- नक्षत्र
- शतभिषा
- इस राशि में आने की तिथि
- मई 2025
- इस राशि से जाने की तिथि
- दिस॰ 2026
31 मई 2026, 00:00 तक
कुंभ में राहु: सामान्य विषय
राहु कुंभ में है जबकि केतु सिंह में है। सामाजिक नेटवर्क, सामूहिक आकांक्षाएँ और समूह प्रयास के माध्यम से भौतिक लाभ तीव्र होते हैं (कुंभ में राहु), जबकि व्यक्तिगत मान्यता और रचनात्मक आत्म-अभिव्यक्ति से आसक्ति ढीली होती है (सिंह में केतु)।
कुंभ में राहु किसी बड़ी चीज़ से जुड़ने की इच्छा को बढ़ाता है: समुदाय, आंदोलन और बड़े पैमाने पर या तकनीकी रूप से मध्यस्थ नेटवर्क से आय सभी असामान्य ऊर्जा आकर्षित कर सकती है। सिंह में केतु अपनी रचनात्मक उत्पादन और व्यक्तिगत विरासत के साथ अहंकार की पहचान में एक ढीलापन लाता है, कभी-कभी मुक्त करने वाला और कभी-कभी एक रचनात्मक शांतता के रूप में महसूस होता है।
राहु गोचर समयरेखा
| राशि | से | तक | |
|---|---|---|---|
| मीन | मई 2024 | मई 2025 | |
| कुंभ अभी | मई 2025 | दिस॰ 2026 | |
| मकर | दिस॰ 2026 | जून 2028 | |
| धनु | जून 2028 | जन॰ 2030 | |
| वृश्चिक | जन॰ 2030 | जुल॰ 2031 | |
| तुला | जुल॰ 2031 | मई 2032 |
12 जन्म राशियों में राहु
पहले कॉलम में अपनी जन्म राशि ढूंढें ताकि देखें यह गोज्ञर आपके लिए कैसा है। चंद्र से प्रत्येक भाव के विषयों का संक्षिप्त विवरण यहां मुफ़्त है; अपना पूरा व्यक्तिगत विश्लेषण देखने के लिए उपर अपनी कुंडली लोड करें।
| जन्म राशि | चंद्र से भाव | क्या अपेक्षा रखें |
|---|---|---|
| मेष | 11 | चंद्रमा से 11th भाव में राहु का गोचर राहु के सबसे अनुकूल गोचरों में माना जाता है और लाभ, ambition, networking तथा अपरंपरागत sources of profit को support कर सकता है। |
| वृषभ | 10 | चंद्रमा से 10th भाव में राहु का गोचर करियर ambition, unconventional पेशेवर कदम, visibility और strategic growth में मदद कर सकता है, बशर्ते ethics स्पष्ट रहें। |
| मिथुन | 9 | चंद्रमा से 9th भाव में राहु का गोचर आस्था को हिलाता है, आध्यात्मिक भ्रम लाता है और पिता/mentors से रिश्ते पर दबाव डालता है। |
| कर्क | 8 | चंद्रमा से 8th भाव में राहु का गोचर चुनौतीपूर्ण और अनिश्चित हो सकता है, इसलिए स्वास्थ्य, साझा धन, रहस्य और गहरे परिवर्तन के विषयों में सावधानी जरूरी रहती है। |
| सिंह | 7 | चंद्रमा से 7th भाव में राहु का गोचर विवाह और पार्टनरशिप में उथल-पुथल लाता है, और छल भरे गठजोड़ व कॉन्ट्रैक्ट जटिलता का जोखिम बढ़ाता है। |
| कन्या | 6 | चंद्रमा से 6th भाव में राहु का गोचर प्रतिस्पर्धा, ऋण, विवाद और कठिन दिनचर्या को रणनीति और अनुशासन से संभालने में सहायक हो सकता है। |
| तुला | 5 | चंद्रमा से 5th भाव में राहु का गोचर रोमांस में obsession, speculative नुकसान और बच्चों की चिंता बढ़ाता है, जबकि रचनात्मक ऊर्जा बहुत तीव्र पर बिखरी होती है। |
| वृश्चिक | 4 | चंद्रमा से 4th भाव में राहु का गोचर घरेलू शांति भंग करता है, संपत्ति में उलझनें लाता है और मन को बेचैन रखता है। |
| धनु | 3 | चंद्रमा से 3rd भाव में राहु का गोचर अत्यंत शुभ है, जो असाधारण साहस, संवाद-कौशल और मीडिया/टेक में सफलता देता है। |
| मकर | 2 | चंद्रमा से 2nd भाव में राहु का गोचर परिवारिक सामंजस्य और वित्तीय स्थिरता को हिलाता है, और वाणी में छल, अचानक धन-उतार-चढ़ाव और घरेलू तनाव ला सकता है। |
| कुंभ | 1 | चंद्रमा से 1st भाव में राहु का गोचर पहचान में भ्रम, self-obsession और स्वास्थ्य में गड़बड़ी लाता है, और इच्छाओं को बढ़ाकर सही दिशा धुंधली कर सकता है। |
| मीन | 12 | चंद्रमा से 12th भाव में राहु का गोचर अनुकूल नहीं होता, और अत्यधिक खर्च, विदेश विस्थापन, नींद की समस्या व छिपे शत्रु ला सकता है। |
जन्म चंद्रमा से भाव आपकी जन्म राशि से शनि की वर्तमान राशि तक गिना जाता है।
गोचर विश्लेषण क्या है?
गोचर विश्लेषण ग्रहों की वर्तमान वास्तविक समय की स्थितियों का अध्ययन करता है और यह देखता है कि वे आपकी जन्म कुंडली की स्थिर स्थितियों के साथ कैसे संवाद करती हैं। जन्म के बाद जैसे-जैसे ग्रह राशि चक्र में आगे बढ़ते हैं, वे आपकी जन्मकालीन स्थितियों के साथ अस्थायी संबंध बनाते हैं — अलग-अलग भावों को सक्रिय करते हुए जीवन में नए विषयों को जन्म देते हैं।
जबकि आपकी जन्म कुंडली एक स्थिर तस्वीर है, गोचर गतिशील होते हैं। ये बताते हैं कि कुछ समय विस्तारशील या चुनौतीपूर्ण क्यों लगते हैं। आपकी चंद्र राशि पर गुरु का गोचर आशावाद और अवसर ला सकता है, जबकि उसी बिंदु पर शनि का गोचर अनुशासन और धैर्य की मांग कर सकता है। गोचर आपकी जन्म क्षमता और वास्तविक अनुभव के बीच का सेतु हैं।
गोचर विश्लेषण कैसे काम करता है?
यह उपकरण उच्च-सटीकता खगोलीय इंजन का उपयोग करके प्रत्येक ग्रह की वर्तमान सायन देशांतर की गणना करता है और इसकी तुलना आपकी जन्म चंद्र राशि से करता है। वैदिक ज्योतिष में गोचर मुख्य रूप से चंद्र (चंद्र लग्न) से पढ़े जाते हैं, न कि लग्न से। गोचर करता हुआ ग्रह आपकी चंद्र राशि से जिस भाव में होता है, वह विशिष्ट जीवन क्षेत्रों पर उसके प्रभाव को निर्धारित करता है।
शनि (प्रति राशि 2.5 वर्ष), गुरु (लगभग 1 वर्ष प्रति राशि), और राहु-केतु (1.5 वर्ष प्रति राशि) जैसे धीमी गति वाले ग्रह सबसे महत्वपूर्ण गोचर प्रभाव उत्पन्न करते हैं। यह उपकरण इन प्रमुख गोचरों को दर्शाता है, बताता है कि कौन सा जन्म भाव सक्रिय है, और यह भी नोट करता है कि शास्त्रीय ग्रंथ आपकी चंद्र राशि के लिए गोचर को अनुकूल मानते हैं या चुनौतीपूर्ण।