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शनि गोचर 2031

2031 में शनि क्या करता है: कब राशि और नक्षत्र बदलता है, कब वक्री होता है, और कब सूर्य से अस्त होता है। हर तिथि वास्तविक है — जनवरी से पहले शुरू हुई अवधि वैसा ही बताती है।

शनि — वर्ष दर वर्ष

शनि पूरे वर्ष वृषभ में रहता है

शनि ने 17 अप्रैल 2030 को वृषभ में प्रवेश किया और 31 मई 2032 तक नहीं निकलता, इसलिए 2031 में कोई राशि परिवर्तन नहीं है। बदलता है उसका नक्षत्र, उसकी दिशा, और यह कि वह सूर्य से अस्त है या नहीं।

राशि परिवर्तन
0
नक्षत्र परिवर्तन
2
दिशा परिवर्तन
2
अस्त काल
1

शनि — राशि दर राशि

  • वृषभ 17 अप्रैल 2030 → 31 मई 2032 (पूरे वर्ष) पुनः प्रवेश

2031 में क्या होता है

  • 2 फरवरी 2031 मार्गी होता है — वृषभ 7.7°
  • 5 अक्टूबर 2031 वक्री होता है — वृषभ 28.7°
  • 16 मई 2031 शनि 21 जून 2031 तक अस्त रहता है सूर्य से 15° के भीतर — शास्त्रीय जन्मकालीन कक्षा। अस्त ग्रह के फल इस अवधि में रुके रहते हैं।

स्तंभन तिथियाँ IST में हैं। स्तंभन एक क्षण होता है, इसलिए दूसरे समय-क्षेत्र के स्रोत इसे एक दिन आगे-पीछे दिखा सकते हैं।

नक्षत्रों में शनि

राशि लंबा अध्याय है। नक्षत्र उसके भीतर का छोटा हिस्सा है, और उसका अपना स्वामी ग्रह होता है — यही गोचर का स्वभाव बदलता है।

नक्षत्र स्वामी से तक अवधि
कृत्तिका सूर्य 12 दिसंबर 2030 25 मार्च 2031 3.4 माह पुनः प्रवेश
रोहिणी चंद्र 25 मार्च 2031 15 जुलाई 2031 3.7 माह पुनः प्रवेश
मृगशिरा मंगल 15 जुलाई 2031 5 जनवरी 2032 5.7 माह

वक्री होने पर ग्रह नक्षत्र की सीमा दोबारा पार करता है, इसलिए एक ही नक्षत्र एक से अधिक बार दिख सकता है। ऐसी पंक्तियाँ पुनः प्रवेश के रूप में चिह्नित हैं।