शनि गोचर 2024
2024 में शनि क्या करता है: कब राशि और नक्षत्र बदलता है, कब वक्री होता है, और कब सूर्य से अस्त होता है। हर तिथि वास्तविक है — जनवरी से पहले शुरू हुई अवधि वैसा ही बताती है।
शनि — वर्ष दर वर्ष
शनि पूरे वर्ष कुंभ में रहता है
शनि ने 17 जनवरी 2023 को कुंभ में प्रवेश किया और 29 मार्च 2025 तक नहीं निकलता, इसलिए 2024 में कोई राशि परिवर्तन नहीं है। बदलता है उसका नक्षत्र, उसकी दिशा, और यह कि वह सूर्य से अस्त है या नहीं।
- राशि परिवर्तन
- 0
- नक्षत्र परिवर्तन
- 3
- दिशा परिवर्तन
- 2
- अस्त काल
- 1
शनि — राशि दर राशि
- कुंभ 17 जनवरी 2023 → 29 मार्च 2025 (पूरे वर्ष) पुनः प्रवेश
2024 में क्या होता है
- 30 जून 2024 वक्री होता है — कुंभ 25.2°
- 15 नवंबर 2024 मार्गी होता है — कुंभ 18.5°
- 12 फरवरी 2024 शनि 17 मार्च 2024 तक अस्त रहता है सूर्य से 15° के भीतर — शास्त्रीय जन्मकालीन कक्षा। अस्त ग्रह के फल इस अवधि में रुके रहते हैं।
स्तंभन तिथियाँ IST में हैं। स्तंभन एक क्षण होता है, इसलिए दूसरे समय-क्षेत्र के स्रोत इसे एक दिन आगे-पीछे दिखा सकते हैं।
नक्षत्रों में शनि
राशि लंबा अध्याय है। नक्षत्र उसके भीतर का छोटा हिस्सा है, और उसका अपना स्वामी ग्रह होता है — यही गोचर का स्वभाव बदलता है।
| नक्षत्र | स्वामी | से | तक | अवधि | |
|---|---|---|---|---|---|
| शतभिषा | राहु | 24 नवंबर 2023 | 6 अप्रैल 2024 | 4.4 माह | पुनः प्रवेश |
| पूर्वा भाद्रपद | गुरु | 6 अप्रैल 2024 | 3 अक्टूबर 2024 | 5.9 माह | |
| शतभिषा | राहु | 3 अक्टूबर 2024 | 27 दिसंबर 2024 | 2.8 माह | पुनः प्रवेश |
| पूर्वा भाद्रपद | गुरु | 27 दिसंबर 2024 | 28 अप्रैल 2025 | 4 माह | पुनः प्रवेश |
वक्री होने पर ग्रह नक्षत्र की सीमा दोबारा पार करता है, इसलिए एक ही नक्षत्र एक से अधिक बार दिख सकता है। ऐसी पंक्तियाँ पुनः प्रवेश के रूप में चिह्नित हैं।