शनि गोचर 2026
2026 में शनि क्या करता है: कब राशि और नक्षत्र बदलता है, कब वक्री होता है, और कब सूर्य से अस्त होता है। हर तिथि वास्तविक है — जनवरी से पहले शुरू हुई अवधि वैसा ही बताती है।
शनि — वर्ष दर वर्ष
शनि पूरे वर्ष मीन में रहता है
शनि ने 30 मार्च 2025 को मीन में प्रवेश किया और 3 जून 2027 तक नहीं निकलता, इसलिए 2026 में कोई राशि परिवर्तन नहीं है। बदलता है उसका नक्षत्र, उसकी दिशा, और यह कि वह सूर्य से अस्त है या नहीं।
- राशि परिवर्तन
- 0
- नक्षत्र परिवर्तन
- 3
- दिशा परिवर्तन
- 2
- अस्त काल
- 1
शनि — राशि दर राशि
- मीन 30 मार्च 2025 → 3 जून 2027 (पूरे वर्ष)
2026 में क्या होता है
- 27 जुलाई 2026 वक्री होता है — मीन 20.5°
- 11 दिसंबर 2026 मार्गी होता है — मीन 13.7°
- 8 मार्च 2026 शनि 12 अप्रैल 2026 तक अस्त रहता है सूर्य से 15° के भीतर — शास्त्रीय जन्मकालीन कक्षा। अस्त ग्रह के फल इस अवधि में रुके रहते हैं।
स्तंभन तिथियाँ IST में हैं। स्तंभन एक क्षण होता है, इसलिए दूसरे समय-क्षेत्र के स्रोत इसे एक दिन आगे-पीछे दिखा सकते हैं।
नक्षत्रों में शनि
राशि लंबा अध्याय है। नक्षत्र उसके भीतर का छोटा हिस्सा है, और उसका अपना स्वामी ग्रह होता है — यही गोचर का स्वभाव बदलता है।
| नक्षत्र | स्वामी | से | तक | अवधि | |
|---|---|---|---|---|---|
| पूर्वा भाद्रपद | गुरु | 3 अक्टूबर 2025 | 20 जनवरी 2026 | 3.6 माह | पुनः प्रवेश |
| उत्तरा भाद्रपद | शनि | 20 जनवरी 2026 | 17 मई 2026 | 3.8 माह | पुनः प्रवेश |
| रेवती | बुध | 17 मई 2026 | 9 अक्टूबर 2026 | 4.8 माह | अभी |
| उत्तरा भाद्रपद | शनि | 9 अक्टूबर 2026 | 8 फरवरी 2027 | 4 माह | पुनः प्रवेश |
वक्री होने पर ग्रह नक्षत्र की सीमा दोबारा पार करता है, इसलिए एक ही नक्षत्र एक से अधिक बार दिख सकता है। ऐसी पंक्तियाँ पुनः प्रवेश के रूप में चिह्नित हैं।