शनि गोचर 2025
2025 में शनि क्या करता है: कब राशि और नक्षत्र बदलता है, कब वक्री होता है, और कब सूर्य से अस्त होता है। हर तिथि वास्तविक है — जनवरी से पहले शुरू हुई अवधि वैसा ही बताती है।
शनि — वर्ष दर वर्ष
शनि इस वर्ष एक बार राशि बदलता है
शनि पूरे 2025 एक ही राशि में नहीं रहता — नीचे दी तिथियाँ उसके वास्तविक प्रवेश और निर्गम की हैं, कैलेंडर की नहीं।
- राशि परिवर्तन
- 1
- नक्षत्र परिवर्तन
- 2
- दिशा परिवर्तन
- 2
- अस्त काल
- 1
शनि — राशि दर राशि
- कुंभ 17 जनवरी 2023 → 30 मार्च 2025 (पहले शुरू) पुनः प्रवेश
- मीन 30 मार्च 2025 → 3 जून 2027 (आगे भी जारी)
2025 में क्या होता है
- 13 जुलाई 2025 वक्री होता है — मीन 7.7°
- 28 नवंबर 2025 मार्गी होता है — मीन 0.9°
- 23 फरवरी 2025 शनि 29 मार्च 2025 तक अस्त रहता है सूर्य से 15° के भीतर — शास्त्रीय जन्मकालीन कक्षा। अस्त ग्रह के फल इस अवधि में रुके रहते हैं।
स्तंभन तिथियाँ IST में हैं। स्तंभन एक क्षण होता है, इसलिए दूसरे समय-क्षेत्र के स्रोत इसे एक दिन आगे-पीछे दिखा सकते हैं।
नक्षत्रों में शनि
राशि लंबा अध्याय है। नक्षत्र उसके भीतर का छोटा हिस्सा है, और उसका अपना स्वामी ग्रह होता है — यही गोचर का स्वभाव बदलता है।
| नक्षत्र | स्वामी | से | तक | अवधि | |
|---|---|---|---|---|---|
| पूर्वा भाद्रपद | गुरु | 27 दिसंबर 2024 | 28 अप्रैल 2025 | 4 माह | पुनः प्रवेश |
| उत्तरा भाद्रपद | शनि | 28 अप्रैल 2025 | 3 अक्टूबर 2025 | 5.2 माह | |
| पूर्वा भाद्रपद | गुरु | 3 अक्टूबर 2025 | 20 जनवरी 2026 | 3.6 माह | पुनः प्रवेश |
वक्री होने पर ग्रह नक्षत्र की सीमा दोबारा पार करता है, इसलिए एक ही नक्षत्र एक से अधिक बार दिख सकता है। ऐसी पंक्तियाँ पुनः प्रवेश के रूप में चिह्नित हैं।