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राहु गोचर 2031

2031 में राहु क्या करता है: कब राशि और नक्षत्र बदलता है, कब वक्री होता है, और कब सूर्य से अस्त होता है। हर तिथि वास्तविक है — जनवरी से पहले शुरू हुई अवधि वैसा ही बताती है।

राहु — वर्ष दर वर्ष

राहु इस वर्ष एक बार राशि बदलता है

राहु पूरे 2031 एक ही राशि में नहीं रहता — नीचे दी तिथियाँ उसके वास्तविक प्रवेश और निर्गम की हैं, कैलेंडर की नहीं।

राशि परिवर्तन
1
नक्षत्र परिवर्तन
1
दिशा परिवर्तन
0
अस्त काल
कोई नहीं

राहु — राशि दर राशि

  • वृश्चिक 11 जनवरी 2030 → 31 जुलाई 2031 (पहले शुरू)
  • तुला 31 जुलाई 2031 → 16 फरवरी 2033 (आगे भी जारी)

नक्षत्रों में राहु

राशि लंबा अध्याय है। नक्षत्र उसके भीतर का छोटा हिस्सा है, और उसका अपना स्वामी ग्रह होता है — यही गोचर का स्वभाव बदलता है।

नक्षत्र स्वामी से तक अवधि
अनुराधा शनि 19 सितंबर 2030 29 मई 2031 8.3 माह
विशाखा गुरु 29 मई 2031 5 फरवरी 2032 8.3 माह

वक्री होने पर ग्रह नक्षत्र की सीमा दोबारा पार करता है, इसलिए एक ही नक्षत्र एक से अधिक बार दिख सकता है। ऐसी पंक्तियाँ पुनः प्रवेश के रूप में चिह्नित हैं।

नक्षत्रों में केतु

राशि लंबा अध्याय है। नक्षत्र उसके भीतर का छोटा हिस्सा है, और उसका अपना स्वामी ग्रह होता है — यही गोचर का स्वभाव बदलता है।

नक्षत्र स्वामी से तक अवधि
रोहिणी चंद्र 16 मई 2030 23 जनवरी 2031 8.3 माह
कृत्तिका सूर्य 23 जनवरी 2031 2 अक्टूबर 2031 8.3 माह
भरणी शुक्र 2 अक्टूबर 2031 9 जून 2032 8.3 माह

वक्री होने पर ग्रह नक्षत्र की सीमा दोबारा पार करता है, इसलिए एक ही नक्षत्र एक से अधिक बार दिख सकता है। ऐसी पंक्तियाँ पुनः प्रवेश के रूप में चिह्नित हैं।