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राहु गोचर 2026

2026 में राहु क्या करता है: कब राशि और नक्षत्र बदलता है, कब वक्री होता है, और कब सूर्य से अस्त होता है। हर तिथि वास्तविक है — जनवरी से पहले शुरू हुई अवधि वैसा ही बताती है।

राहु — वर्ष दर वर्ष

राहु इस वर्ष एक बार राशि बदलता है

राहु पूरे 2026 एक ही राशि में नहीं रहता — नीचे दी तिथियाँ उसके वास्तविक प्रवेश और निर्गम की हैं, कैलेंडर की नहीं।

राशि परिवर्तन
1
नक्षत्र परिवर्तन
1
दिशा परिवर्तन
0
अस्त काल
कोई नहीं

राहु — राशि दर राशि

  • कुंभ 18 मई 2025 → 6 दिसंबर 2026 (पहले शुरू)
  • मकर 6 दिसंबर 2026 → 24 जून 2028 (आगे भी जारी)

नक्षत्रों में राहु

राशि लंबा अध्याय है। नक्षत्र उसके भीतर का छोटा हिस्सा है, और उसका अपना स्वामी ग्रह होता है — यही गोचर का स्वभाव बदलता है।

नक्षत्र स्वामी से तक अवधि
शतभिषा राहु 23 नवंबर 2025 2 अगस्त 2026 8.3 माह अभी
धनिष्ठा मंगल 2 अगस्त 2026 10 अप्रैल 2027 8.3 माह

वक्री होने पर ग्रह नक्षत्र की सीमा दोबारा पार करता है, इसलिए एक ही नक्षत्र एक से अधिक बार दिख सकता है। ऐसी पंक्तियाँ पुनः प्रवेश के रूप में चिह्नित हैं।

नक्षत्रों में केतु

राशि लंबा अध्याय है। नक्षत्र उसके भीतर का छोटा हिस्सा है, और उसका अपना स्वामी ग्रह होता है — यही गोचर का स्वभाव बदलता है।

नक्षत्र स्वामी से तक अवधि
पूर्वा फाल्गुनी शुक्र 20 जुलाई 2025 29 मार्च 2026 8.3 माह
मघा केतु 29 मार्च 2026 5 दिसंबर 2026 8.3 माह अभी
आश्लेषा बुध 5 दिसंबर 2026 14 अगस्त 2027 8.3 माह

वक्री होने पर ग्रह नक्षत्र की सीमा दोबारा पार करता है, इसलिए एक ही नक्षत्र एक से अधिक बार दिख सकता है। ऐसी पंक्तियाँ पुनः प्रवेश के रूप में चिह्नित हैं।