मुख्य सामग्री पर जाएं

राहु गोचर 2024

2024 में राहु क्या करता है: कब राशि और नक्षत्र बदलता है, कब वक्री होता है, और कब सूर्य से अस्त होता है। हर तिथि वास्तविक है — जनवरी से पहले शुरू हुई अवधि वैसा ही बताती है।

राहु — वर्ष दर वर्ष

राहु पूरे वर्ष मीन में रहता है

राहु ने 30 अक्टूबर 2023 को मीन में प्रवेश किया और 18 मई 2025 तक नहीं निकलता, इसलिए 2024 में कोई राशि परिवर्तन नहीं है। बदलता है उसका नक्षत्र, उसकी दिशा, और यह कि वह सूर्य से अस्त है या नहीं।

राशि परिवर्तन
0
नक्षत्र परिवर्तन
1
दिशा परिवर्तन
0
अस्त काल
कोई नहीं

राहु — राशि दर राशि

  • मीन 30 अक्टूबर 2023 → 18 मई 2025 (पूरे वर्ष)

नक्षत्रों में राहु

राशि लंबा अध्याय है। नक्षत्र उसके भीतर का छोटा हिस्सा है, और उसका अपना स्वामी ग्रह होता है — यही गोचर का स्वभाव बदलता है।

नक्षत्र स्वामी से तक अवधि
रेवती बुध 30 अक्टूबर 2023 8 जुलाई 2024 8.3 माह
उत्तरा भाद्रपद शनि 8 जुलाई 2024 16 मार्च 2025 8.3 माह

वक्री होने पर ग्रह नक्षत्र की सीमा दोबारा पार करता है, इसलिए एक ही नक्षत्र एक से अधिक बार दिख सकता है। ऐसी पंक्तियाँ पुनः प्रवेश के रूप में चिह्नित हैं।

नक्षत्रों में केतु

राशि लंबा अध्याय है। नक्षत्र उसके भीतर का छोटा हिस्सा है, और उसका अपना स्वामी ग्रह होता है — यही गोचर का स्वभाव बदलता है।

नक्षत्र स्वामी से तक अवधि
चित्रा मंगल 26 जून 2023 4 मार्च 2024 8.3 माह
हस्ता चंद्र 4 मार्च 2024 11 नवंबर 2024 8.3 माह
उत्तरा फाल्गुनी सूर्य 11 नवंबर 2024 20 जुलाई 2025 8.3 माह

वक्री होने पर ग्रह नक्षत्र की सीमा दोबारा पार करता है, इसलिए एक ही नक्षत्र एक से अधिक बार दिख सकता है। ऐसी पंक्तियाँ पुनः प्रवेश के रूप में चिह्नित हैं।