राहु गोचर 2027
2027 में राहु क्या करता है: कब राशि और नक्षत्र बदलता है, कब वक्री होता है, और कब सूर्य से अस्त होता है। हर तिथि वास्तविक है — जनवरी से पहले शुरू हुई अवधि वैसा ही बताती है।
राहु — वर्ष दर वर्ष
राहु पूरे वर्ष मकर में रहता है
राहु ने 6 दिसंबर 2026 को मकर में प्रवेश किया और 24 जून 2028 तक नहीं निकलता, इसलिए 2027 में कोई राशि परिवर्तन नहीं है। बदलता है उसका नक्षत्र, उसकी दिशा, और यह कि वह सूर्य से अस्त है या नहीं।
- राशि परिवर्तन
- 0
- नक्षत्र परिवर्तन
- 2
- दिशा परिवर्तन
- 0
- अस्त काल
- कोई नहीं
राहु — राशि दर राशि
- मकर 6 दिसंबर 2026 → 24 जून 2028 (पूरे वर्ष)
नक्षत्रों में राहु
राशि लंबा अध्याय है। नक्षत्र उसके भीतर का छोटा हिस्सा है, और उसका अपना स्वामी ग्रह होता है — यही गोचर का स्वभाव बदलता है।
| नक्षत्र | स्वामी | से | तक | अवधि | |
|---|---|---|---|---|---|
| धनिष्ठा | मंगल | 2 अगस्त 2026 | 10 अप्रैल 2027 | 8.3 माह | |
| श्रवण | चंद्र | 10 अप्रैल 2027 | 18 दिसंबर 2027 | 8.3 माह | |
| उत्तराषाढ़ा | सूर्य | 18 दिसंबर 2027 | 25 अगस्त 2028 | 8.3 माह |
वक्री होने पर ग्रह नक्षत्र की सीमा दोबारा पार करता है, इसलिए एक ही नक्षत्र एक से अधिक बार दिख सकता है। ऐसी पंक्तियाँ पुनः प्रवेश के रूप में चिह्नित हैं।
नक्षत्रों में केतु
राशि लंबा अध्याय है। नक्षत्र उसके भीतर का छोटा हिस्सा है, और उसका अपना स्वामी ग्रह होता है — यही गोचर का स्वभाव बदलता है।
| नक्षत्र | स्वामी | से | तक | अवधि | |
|---|---|---|---|---|---|
| आश्लेषा | बुध | 5 दिसंबर 2026 | 14 अगस्त 2027 | 8.3 माह | |
| पुष्य | शनि | 14 अगस्त 2027 | 22 अप्रैल 2028 | 8.3 माह |
वक्री होने पर ग्रह नक्षत्र की सीमा दोबारा पार करता है, इसलिए एक ही नक्षत्र एक से अधिक बार दिख सकता है। ऐसी पंक्तियाँ पुनः प्रवेश के रूप में चिह्नित हैं।