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राहु गोचर 2025

2025 में राहु क्या करता है: कब राशि और नक्षत्र बदलता है, कब वक्री होता है, और कब सूर्य से अस्त होता है। हर तिथि वास्तविक है — जनवरी से पहले शुरू हुई अवधि वैसा ही बताती है।

राहु — वर्ष दर वर्ष

राहु इस वर्ष एक बार राशि बदलता है

राहु पूरे 2025 एक ही राशि में नहीं रहता — नीचे दी तिथियाँ उसके वास्तविक प्रवेश और निर्गम की हैं, कैलेंडर की नहीं।

राशि परिवर्तन
1
नक्षत्र परिवर्तन
2
दिशा परिवर्तन
0
अस्त काल
कोई नहीं

राहु — राशि दर राशि

  • मीन 30 अक्टूबर 2023 → 18 मई 2025 (पहले शुरू)
  • कुंभ 18 मई 2025 → 6 दिसंबर 2026 (आगे भी जारी)

नक्षत्रों में राहु

राशि लंबा अध्याय है। नक्षत्र उसके भीतर का छोटा हिस्सा है, और उसका अपना स्वामी ग्रह होता है — यही गोचर का स्वभाव बदलता है।

नक्षत्र स्वामी से तक अवधि
उत्तरा भाद्रपद शनि 8 जुलाई 2024 16 मार्च 2025 8.3 माह
पूर्वा भाद्रपद गुरु 16 मार्च 2025 23 नवंबर 2025 8.3 माह
शतभिषा राहु 23 नवंबर 2025 2 अगस्त 2026 8.3 माह

वक्री होने पर ग्रह नक्षत्र की सीमा दोबारा पार करता है, इसलिए एक ही नक्षत्र एक से अधिक बार दिख सकता है। ऐसी पंक्तियाँ पुनः प्रवेश के रूप में चिह्नित हैं।

नक्षत्रों में केतु

राशि लंबा अध्याय है। नक्षत्र उसके भीतर का छोटा हिस्सा है, और उसका अपना स्वामी ग्रह होता है — यही गोचर का स्वभाव बदलता है।

नक्षत्र स्वामी से तक अवधि
उत्तरा फाल्गुनी सूर्य 11 नवंबर 2024 20 जुलाई 2025 8.3 माह
पूर्वा फाल्गुनी शुक्र 20 जुलाई 2025 29 मार्च 2026 8.3 माह

वक्री होने पर ग्रह नक्षत्र की सीमा दोबारा पार करता है, इसलिए एक ही नक्षत्र एक से अधिक बार दिख सकता है। ऐसी पंक्तियाँ पुनः प्रवेश के रूप में चिह्नित हैं।