मार्च 1903 का संबंध मार्च से है। यह काल भारत के त्योहार-वर्ष को एक साथ कई क्षेत्रों में खोलता है: महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा, दक्कन में उगादी, सिन्धियों के लिए चेटी चण्ड, और देशभर में नवरात्रि व राम नवमी, जब वसन्त ठहरता है। मुख्य पर्व: होलिका दहन (12 मार्च), होली (13 मार्च), तिथि के अनुसार छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती (16 मार्च)। 31 दिनों की गुणवत्ता: 3 अत्यंत शुभ, 2 अनुकूल, 15 मिश्रित। एकादशी व्रत: 24 मार्च। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
13
पूर्णिमा
होली
+1 और
होली
पूर्णिमा व्रत
14
प्रतिपदा
मीन संक्रांति
15
द्वितीया
संत तुकाराम बीज
16
तृतीया
तिथि के अनुसार छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती
संकष्टी चतुर्थी
17
चतुर्थी
18
पंचमी
रंग पंचमी
19
षष्ठी
एकनाथ षष्ठी
20
सप्तमी
कालाष्टमी
21
अष्टमी
शीतला अष्टमी
22
नवमी
23
दशमी
24
एकादशी
पापमोचनी एकादशी
25
द्वादशी
26
त्रयोदशी
कृष्ण प्रदोष व्रत
27
त्रयोदशी
मासिक शिवरात्रि
28
चतुर्दशी
अमावस्या
29
अमावस्या
चैत्र नवरात्रि
30
प्रतिपदा
उगादी
गुड़ी पड़वा
31
तृतीया
गणगौर
13
शुक्र
होली
पूर्णिमा व्रत
14
शनि
मीन संक्रांति
15
रवि
संत तुकाराम बीज
16
सोम
तिथि के अनुसार छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती
संकष्टी चतुर्थी
18
बुध
रंग पंचमी
19
गुरु
एकनाथ षष्ठी
20
शुक्र
कालाष्टमी
21
शनि
शीतला अष्टमी
24
मंगल
पापमोचनी एकादशी
26
गुरु
कृष्ण प्रदोष व्रत
27
शुक्र
मासिक शिवरात्रि
28
शनि
अमावस्या
29
रवि
चैत्र नवरात्रि
30
सोम
उगादी
गुड़ी पड़वा
31
मंगल
गणगौर
किसी भी दिन पर टैप करके पूरा पंचांग देखें। ग्रिड चौड़ा करने के लिए झलकियाँ पैनल (★) छिपाएँ।