सितंबर 1903 का संबंध सितंबर से है। देशभर में शरद् उत्सवों का चरम: नवरात्रि और दुर्गा पूजा, दशहरा, और 2 अक्टूबर गाँधी जयन्ती, जब मानसून-पश्चात फसल-ऋतु खुलती है। मुख्य पर्व: ओणम (4 सित॰), अनंत चतुर्दशी (5 सित॰), पितृ पक्ष (7 सित॰)। 30 दिनों की गुणवत्ता: 0 अत्यंत शुभ, 5 अनुकूल, 17 मिश्रित। एकादशी व्रत: 2 सित॰, 17 सित॰। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
22
प्रतिपदा
शरद नवरात्रि
शरद नवरात्रि
23
तृतीया
24
चतुर्थी
विनायक चतुर्थी
25
पंचमी
ललिता पंचमी
26
षष्ठी
महा षष्ठी
27
सप्तमी
महा सप्तमी
28
अष्टमी
दुर्गा अष्टमी
सरस्वती आवाहन
मासिक दुर्गाष्टमी
29
अष्टमी
महानवमी
सरस्वती पूजा (नवरात्रि)
सरस्वती विसर्जन
30
नवमी
दशहरा
+2 और
दशहरा
महा नवमी (दुर्गा पूजा)
सरस्वती बलिदान
22
मंगल
शरद नवरात्रि
24
गुरु
विनायक चतुर्थी
25
शुक्र
ललिता पंचमी
26
शनि
महा षष्ठी
27
रवि
महा सप्तमी
28
सोम
दुर्गा अष्टमी
सरस्वती आवाहन
मासिक दुर्गाष्टमी
29
मंगल
महानवमी
सरस्वती पूजा (नवरात्रि)
सरस्वती विसर्जन
30
बुध
दशहरा
महा नवमी (दुर्गा पूजा)
सरस्वती बलिदान
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