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अपना व्यक्तिगत विश्लेषण चाहिए?
आप आज का सार्वभौम चक्र देख रहे हैं। अपना जन्म नक्षत्र जोड़ें और अपने छह संवेदनशील बिंदु तथा आप पर पड़ने वाले वेध देखें।
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सर्वतोभद्र चक्र एक 9×9 ग्रिड है जो 28 नक्षत्रों, 12 राशियों, संस्कृत अक्षरों, तिथियों और वारों को एक ही आरेख में दर्शाता है। प्रत्येक गोचर ग्रह को उसके नक्षत्र पर रखा जाता है। आपके जन्म नक्षत्र से छह संवेदनशील बिंदु निकाले जाते हैं — जन्म, कर्म, संघातिक, समुदाय, वैनाशिक और मानस — और कोई ग्रह उनमें से किसी एक का “वेध” तब करता है जब वह उसी तारे पर हो या केंद्र के ठीक सामने हो। पाप ग्रहों का वेध बाधा का संकेत देता है; शुभ ग्रहों का वेध रक्षा देता है।
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सर्वतोभद्र चक्र

सभी के लिए समान
Sarvatobhadra Chakra 21 Jun 2026 Vowel ई (ī) ई ī Dhanishta Dhan Shatabhisha Shat Purva Bhadrapada P.Bha Uttara Bhadrapada U.Bha Revati Reva Ashwini Asvi Bharani Bhar Vowel अ (a) अ a Shravana Srav Vowel ॠ (ṝ) ॠ ṝ Consonants: ग ga ग ga Consonants: स sa स sa Consonants: द da, थ tha, झ jha, ञ ña द da थ tha झ jha ञ ña Consonants: च ca च ca Consonants: ल la ल la Vowel उ (u) उ u Krittika Krit Abhijit Abhi Consonants: ख kha ख kha Vowel ऐ (ai) ऐ ai Aquarius · Kumbha Aq Pisces · Meena Pi Aries · Mesha Ar Vowel ऌ (ḷ) ऌ ḷ Vowel अ (a) अ a Rohini Rohi Uttara Ashadha U.Sha Consonants: ज ja ज ja Capricorn · Makara Cp Vowel अः (aḥ) अः aḥ Rikta tithi · Fri Rikta Fri Vowel ओ (o) ओ o Taurus · Vrishabha Ta Consonants: व va व va Mrigashira Mrig Purva Ashadha P.Sha Consonants: भ bha, ध dha, फ pha, ढ ḍha भ bha ध dha फ pha ढ ḍha Sagittarius · Dhanu Sg Jaya tithi · Thu Jaya Thu Purna tithi · Sat Purna Sat Nanda tithi · Sun, Tue Nanda Sun Tue Gemini · Mithuna Ge Consonants: क ka, घ gha, ङ ṅa, छ cha क ka घ gha ङ ṅa छ cha Ardra Ardr Mula Mula Consonants: य ya य ya Scorpio · Vrishchika Sc Vowel अं (aṃ) अं aṃ Bhadra tithi · Mon, Wed Bhadra Mon Wed Vowel औ (au) औ au Cancer · Karka Ca Consonants: ह ha ह ha Punarvasu Puna Jyeshtha Jyes Consonants: न na न na Vowel ए (e) ए e Libra · Tula Li Virgo · Kanya Vi Leo · Simha Le Vowel ॡ (ḹ) ॡ ḹ Consonants: ड ḍa ड ḍa Pushya Push Anuradha Anu Vowel ऋ (r̥) ऋ r̥ Consonants: त ta त ta Consonants: र ra र ra Consonants: प pa, ष ṣa, ण ṇa, ठ ṭha प pa ष ṣa ण ṇa ठ ṭha Consonants: ट ṭa ट ṭa Consonants: म ma म ma Vowel ऊ (ū) ऊ ū Ashlesha Ashl Vowel इ (i) इ i Vishakha Vish Swati Swat Chitra Chit Hasta Hast Uttara Phalguni U.Pha Purva Phalguni P.Pha Magha Magh Vowel आ (ā) आ ā Sun — malefic सू Moon — benefic चं Mars — malefic मं Mercury — benefic बु Jupiter — benefic गु Venus — benefic शु Saturn — malefic Rahu (R) — malefic रा Ketu (R) — malefic के NORTH SOUTH WEST EAST NW NE SW SE Sensitive star Malefic vedha Benefic vedha Planets shown on their transit nakshatra; dashed lines = front (sammukha) vedha onto a sensitive star.

ग्रह स्थिति

अभी प्रत्येक ग्रह कहाँ है — भूकेन्द्रीय, अतः सबके लिए समान।

ग्रह राशि व अंश नक्षत्र गति
सूर्य 5°54′ मिथुन Mrigashira पाद 4 0.95°/दिन
चंद्र 0°59′ कन्या Uttara Phalguni पाद 2 12.94°/दिन
मंगल 0°31′ वृषभ Krittika पाद 2 0.72°/दिन
बुध 29°28′ मिथुन Punarvasu पाद 3 0.61°/दिन
गुरु 3°55′ कर्क Pushya पाद 1 0.21°/दिन
शुक्र 15°06′ कर्क Pushya पाद 4 1.15°/दिन
शनि 19°28′ मीन Revati पाद 1 0.06°/दिन
राहु 8°51′ कुंभ Shatabhisha पाद 1 R 0.05°/दिन
केतु 8°51′ सिंह Magha पाद 3 R 0.05°/दिन

गति = दैनिक चाल; R वक्री दर्शाता है। वेध दिखाता है कि आज प्रत्येक ग्रह आपके किन संवेदनशील तारों का, किस दिशा से वेध करता है।

व्यक्तिगत बनाने से क्या जुड़ता है

आपके जन्म नक्षत्र से छह संवेदनशील बिंदु निकाले जाते हैं। व्यक्तिगत बनाएं और देखें कि प्रत्येक चक्र पर कहाँ पड़ता है और आज कौन-से ग्रह उन पर वेध कर रहे हैं।

जन्म स्वास्थ्य और मन
कर्म करियर और प्रतिष्ठा
संघातिक संबंध और धन
समुदाय सामान्य भाग्य
वैनाशिक हानि और विवाद
मानस मानसिक शांति और चिंता

अपना चक्र व्यक्तिगत बनाएं

अपना व्यक्तिगत चक्र देखने के लिए जन्म विवरण दर्ज करें (या साइन इन करें) — आपके छह संवेदनशील तारे और आज कौन-से ग्रह आपका साथ दे रहे हैं या बाधा डाल रहे हैं।

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सर्वतोभद्र चक्र क्या है?

सर्वतोभद्र चक्र (संस्कृत में 'सब दिशाओं से शुभ' — सर्वतः अर्थात सभी दिशाएँ, भद्र अर्थात शुभ) 81 कोशिकाओं का एक 9×9 ग्रिड है जो हिंदू पंचांग के मूल अंगों को एक ही दिशा-केंद्रित आरेख में दर्शाता है: 28 नक्षत्र, 12 राशियाँ, संस्कृत स्वर व व्यंजन, तिथियाँ और सात वार। यह शास्त्रीय मुहूर्त ज्योतिष का सबसे व्यापक साधनों में से एक है।

जहाँ अधिकांश मुहूर्त-जाँच केवल एक कारक — जैसे जन्म नक्षत्र या वार — को तौलती हैं, वहीं सर्वतोभद्र चक्र व्यक्ति के अनेक 'निर्देशांक' एक साथ जोड़ता है। दिन की ग्रह-स्थितियों को ग्रिड पर रखकर यह एक नज़र में दिखाता है कि गतिशील ग्रह आपसे जुड़े बिंदुओं को — हर दिशा में — सहारा दे रहे हैं या बाधा डाल रहे हैं। यही सर्वांगीण दृष्टि इसके नाम का वादा है।

ज्योतिषी इसका उपयोग शुभ कार्यों के लिए शुभ दिन चुनने, मुहूर्त व प्रश्न (होरारी) कार्य, तथा वार्षिक (वर्षफल) विश्लेषण में करते हैं। यह साधन प्रामाणिक चक्र बनाता है, किसी भी तिथि के लिए सजीव ग्रह-गोचर दर्शाता है, और — जब आप अपना जन्म नक्षत्र जोड़ते हैं — आपके छह संवेदनशील बिंदु तथा आज उन पर पड़ने वाले वेध उजागर करता है।

सर्वतोभद्र चक्र कैसे काम करता है?

ग्रिड की संरचना निश्चित है और सबके लिए समान है। बाहरी वलय में 28 नक्षत्र (अभिजित सहित) घड़ी की दिशा में चलते हैं। उसके भीतर एक पट्टी में संस्कृत अक्षर हैं जो नाम-आधारित मुहूर्त का आधार हैं। भीतरी वर्ग में 12 राशियाँ हैं, और केंद्रीय क्रॉस में पाँच तिथि-समूह — नंदा, भद्रा, जया, रिक्ता और पूर्णा — सात वारों सहित स्थित हैं।

प्रतिदिन नौ ग्रह विशेष नक्षत्रों में रहते हैं, और उन स्थितियों को चक्र पर अंकित किया जाता है। कोई ग्रह किसी बिंदु का वेध ('भेदन') तब करता है जब वह सीधे उस पर बैठा हो, या ग्रिड के केंद्र के ठीक सामने हो (सम्मुख वेध)। नैसर्गिक पाप ग्रह (सूर्य, मंगल, शनि, राहु, केतु) का वेध बाधा का संकेत देता है; नैसर्गिक शुभ ग्रह (गुरु, शुक्र, बुध, चंद्र) का वेध रक्षा देता है।

वैयक्तिकरण आपके जन्म नक्षत्र — जन्म के समय चंद्र जिस तारे में था — से आता है। उससे आगे गिनने पर छह संवेदनशील बिंदु मिलते हैं: जन्म, कर्म, संघातिक, समुदाय, वैनाशिक और मानस, प्रत्येक किसी जीवन-क्षेत्र से जुड़ा। जब कोई गोचर ग्रह इनमें से किसी का वेध करता है, तो उस दिन वह क्षेत्र उभरता है। सहायक व बाधक वेधों की तुलना ही किसी तिथि को चुनने या टालने का आधार है।

मुख्य अवधारणाएँ

9×9 ग्रिड

इक्यासी कोशिकाएँ दिशाओं के चारों ओर व्यवस्थित, ऊपर उत्तर। यह विन्यास निश्चित व सार्वभौम है — यही वह कैनवास है जिस पर बदलते ग्रह अंकित होते हैं, किसी दिन सबके लिए समान।

नक्षत्र वलय

28 नक्षत्र — 27 चंद्र-मंडल और अभिजित — क्रम में किनारे पर रहते हैं। यहीं गोचर ग्रह पढ़े जाते हैं, और वेध विश्लेषण की मुख्य परत यही है।

छह संवेदनशील तारे

आपके जन्म नक्षत्र से गिने जाते हैं: जन्म (स्वास्थ्य व मन), कर्म (करियर), संघातिक (संबंध व धन), समुदाय (भाग्य), वैनाशिक (हानि व विवाद) और मानस (मानसिक शांति)। ये चक्र पर आपके व्यक्तिगत संवेदन-बिंदु हैं।

वेध (भेदन)

गोचर ग्रह किसी बिंदु को उस पर बैठकर (प्रत्यक्ष) या केंद्र के सामने रहकर (सम्मुख वेध) प्रभावित करता है। पाप वेध बाधा का, और शुभ वेध सहारे व रक्षा का संकेत देता है।

तिथि, वार व अक्षर

तारों के अतिरिक्त चक्र में तिथियाँ, वार और संस्कृत अक्षर भी हैं — अतः किसी क्षण को केवल नक्षत्र से नहीं, बल्कि तिथि, वार और नाम की ध्वनि से भी परखा जा सकता है।

मुहूर्त (दिन चयन)

व्यावहारिक लाभ: जिन दिनों शुभ ग्रह आपके संवेदनशील बिंदुओं को सहारा दें वे नए आरंभ के लिए अनुकूल हैं, जबकि जिन दिनों पाप ग्रह जन्म या कर्म का वेध करें उन्हें अपरिवर्तनीय निर्णयों के लिए टालना श्रेष्ठ है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उद्गम व परंपरा

सर्वतोभद्र चक्र ज्योतिष की मुहूर्त परंपरा का अंग है और प्रायः नरपति जयचर्या से जोड़ा जाता है — एक मध्ययुगीन ग्रंथ जिसने शुभ क्षण चुनने हेतु नक्षत्र, तिथि, वार व अक्षर चक्रों के उपयोग को व्यवस्थित किया, जिसमें मूलतः यात्रा व युद्ध के प्रश्न भी थे, इसीलिए राजाओं (नरपति, 'मनुष्यों का स्वामी') से इसका संबंध है।

शताब्दियों में यह मुख्यधारा के मुहूर्त व प्रश्न अभ्यास तथा वार्षिक वर्षफल पद्धति में समाहित हुआ। आज भी यह पंचांग-आधारित दिन-चयन का सुपरिचित अंग है, जिसका मूल्य इसी में है कि यह किसी क्षण को एक कारक के बजाय अनेक कोणों से एक साथ परखता है।