बंगाली कैलेंडर सितंबर 1933
सितंबर 1933 में बंगाली महीने
सितंबर 1933 का संबंध Bhadro – Ashshin से है। भाद्र में जन्माष्टमी और राधाष्टमी तथा उत्तर-वर्षा के व्रत आते हैं, जब वर्ष शरद् के महान उत्सव की ओर बढ़ता है। मुख्य पर्व: ओणम (2 सित॰), अनंत चतुर्दशी (3 सित॰), पितृ पक्ष (4 सित॰)। 30 दिनों की गुणवत्ता: 0 अत्यंत शुभ, 10 अनुकूल, 13 मिश्रित। एकादशी व्रत: 15 सित॰, 29 सित॰। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
20
प्रतिपदा
शरद नवरात्रि
शरद नवरात्रि
21
द्वितीया
22
तृतीया
23
चतुर्थी
विनायक चतुर्थी
24
पंचमी
25
षष्ठी
महा षष्ठी
26
सप्तमी
महा सप्तमी
महा सप्तमी
27
अष्टमी
दुर्गा अष्टमी
+1 और
दुर्गा अष्टमी
महा नवमी (दुर्गा पूजा)
28
दशमी
विजया दशमी (बिजोया दशमी)
विजया दशमी (बिजोया दशमी)
29
एकादशी
पापांकुशा एकादशी
30
द्वादशी
20
बुध
शरद नवरात्रि
23
शनि
विनायक चतुर्थी
25
सोम
महा षष्ठी
26
मंगल
महा सप्तमी
27
बुध
दुर्गा अष्टमी
महा नवमी (दुर्गा पूजा)
28
गुरु
विजया दशमी (बिजोया दशमी)
29
शुक्र
पापांकुशा एकादशी
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