मार्च 1933 में बंगाली महीने
मार्च 1933 का संबंध Falgun – Choitro से है। चैत्र बंगाली वर्ष को चड़क पूजा और गाजन के साथ समाप्त करता है: चैत्र संक्रान्ति की पूर्वसन्ध्या पर शिव के प्राचीन लोक-शैव अनुष्ठान, इससे पहले कि पोइला बोइशाख चक्र को नवीनीकृत करे। मुख्य पर्व: होलिका दहन (11 मार्च), होली (12 मार्च), तिथि के अनुसार छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती (14 मार्च)। 31 दिनों की गुणवत्ता: 2 अत्यंत शुभ, 5 अनुकूल, 14 मिश्रित। एकादशी व्रत: 8 मार्च, 22 मार्च। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
12
पूर्णिमा
होली
+1 और
होली
पूर्णिमा व्रत
13
द्वितीया
14
तृतीया
मीन संक्रांति
15
चतुर्थी
Choitro आरंभ
संकष्टी चतुर्थी
16
पंचमी
17
षष्ठी
18
सप्तमी
शीतला अष्टमी
19
अष्टमी
20
नवमी
21
दशमी
22
एकादशी
पापमोचनी एकादशी
23
द्वादशी
कृष्ण प्रदोष व्रत
24
त्रयोदशी
मासिक शिवरात्रि
25
चतुर्दशी
अमावस्या
26
अमावस्या
27
प्रतिपदा
चैत्र नवरात्रि
28
द्वितीया
29
तृतीया
30
चतुर्थी
विनायक चतुर्थी
31
पंचमी
किसी भी दिन पर टैप करके पूरा पंचांग देखें। ग्रिड चौड़ा करने के लिए झलकियाँ पैनल (★) छिपाएँ।