बंगाली कैलेंडर सितंबर 1944
सितंबर 1944 में बंगाली महीने
सितंबर 1944 का संबंध Bhadro – Ashshin से है। भाद्र में जन्माष्टमी और राधाष्टमी तथा उत्तर-वर्षा के व्रत आते हैं, जब वर्ष शरद् के महान उत्सव की ओर बढ़ता है। मुख्य पर्व: अनंत चतुर्दशी (1 सित॰), ओणम (1 सित॰), पितृ पक्ष (3 सित॰)। 30 दिनों की गुणवत्ता: 1 अत्यंत शुभ, 1 अनुकूल, 20 मिश्रित। एकादशी व्रत: 13 सित॰, 28 सित॰। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
18
प्रतिपदा
शरद नवरात्रि
शरद नवरात्रि
19
द्वितीया
20
तृतीया
21
चतुर्थी
विनायक चतुर्थी
22
पंचमी
23
षष्ठी
महा षष्ठी
24
सप्तमी
महा सप्तमी
महा सप्तमी
25
अष्टमी
दुर्गा अष्टमी
दुर्गा अष्टमी
26
नवमी
महा नवमी (दुर्गा पूजा)
महा नवमी (दुर्गा पूजा)
27
दशमी
विजया दशमी (बिजोया दशमी)
विजया दशमी (बिजोया दशमी)
28
एकादशी
पापांकुशा एकादशी
29
द्वादशी
30
त्रयोदशी
शुक्ल प्रदोष व्रत
18
सोम
शरद नवरात्रि
21
गुरु
विनायक चतुर्थी
23
शनि
महा षष्ठी
24
रवि
महा सप्तमी
25
सोम
दुर्गा अष्टमी
26
मंगल
महा नवमी (दुर्गा पूजा)
27
बुध
विजया दशमी (बिजोया दशमी)
28
गुरु
पापांकुशा एकादशी
30
शनि
शुक्ल प्रदोष व्रत
किसी भी दिन पर टैप करके पूरा पंचांग देखें। ग्रिड चौड़ा करने के लिए झलकियाँ पैनल (★) छिपाएँ।