मार्च 1944 में बंगाली महीने
मार्च 1944 का संबंध Falgun – Choitro से है। चैत्र बंगाली वर्ष को चड़क पूजा और गाजन के साथ समाप्त करता है: चैत्र संक्रान्ति की पूर्वसन्ध्या पर शिव के प्राचीन लोक-शैव अनुष्ठान, इससे पहले कि पोइला बोइशाख चक्र को नवीनीकृत करे। मुख्य पर्व: होलिका दहन (9 मार्च), होली (10 मार्च), तिथि के अनुसार छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती (13 मार्च)। 31 दिनों की गुणवत्ता: 1 अत्यंत शुभ, 5 अनुकूल, 18 मिश्रित। एकादशी व्रत: 5 मार्च, 21 मार्च। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
10
प्रतिपदा
होली
होली
11
प्रतिपदा
12
द्वितीया
13
तृतीया
संकष्टी चतुर्थी
14
चतुर्थी
मीन संक्रांति
15
पंचमी
Choitro आरंभ
16
षष्ठी
17
सप्तमी
शीतला अष्टमी
18
अष्टमी
19
नवमी
20
दशमी
पापमोचनी एकादशी
21
एकादशी
22
त्रयोदशी
कृष्ण प्रदोष व्रत
मासिक शिवरात्रि
23
चतुर्दशी
24
अमावस्या
अमावस्या
25
प्रतिपदा
चैत्र नवरात्रि
26
द्वितीया
27
तृतीया
विनायक चतुर्थी
28
पंचमी
29
षष्ठी
यमुना छठ
30
सप्तमी
31
अष्टमी
अन्नपूर्णा पूजा
बासंती पूजा
10
शुक्र
होली
13
सोम
संकष्टी चतुर्थी
14
मंगल
मीन संक्रांति
17
शुक्र
शीतला अष्टमी
20
सोम
पापमोचनी एकादशी
22
बुध
कृष्ण प्रदोष व्रत
मासिक शिवरात्रि
24
शुक्र
अमावस्या
25
शनि
चैत्र नवरात्रि
27
सोम
विनायक चतुर्थी
29
बुध
यमुना छठ
31
शुक्र
अन्नपूर्णा पूजा
बासंती पूजा
किसी भी दिन पर टैप करके पूरा पंचांग देखें। ग्रिड चौड़ा करने के लिए झलकियाँ पैनल (★) छिपाएँ।