मार्च 1953 में बंगाली महीने
मार्च 1953 का संबंध Falgun – Choitro से है। चैत्र बंगाली वर्ष को चड़क पूजा और गाजन के साथ समाप्त करता है: चैत्र संक्रान्ति की पूर्वसन्ध्या पर शिव के प्राचीन लोक-शैव अनुष्ठान, इससे पहले कि पोइला बोइशाख चक्र को नवीनीकृत करे। मुख्य पर्व: होली (1 मार्च), तिथि के अनुसार छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती (4 मार्च), चैत्र नवरात्रि (16 मार्च)। 31 दिनों की गुणवत्ता: 1 अत्यंत शुभ, 3 अनुकूल, 19 मिश्रित। एकादशी व्रत: 25 मार्च, 26 मार्च। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
1
प्रतिपदा
होली
होली
2
द्वितीया
3
तृतीया
4
तृतीया
संकष्टी चतुर्थी
5
चतुर्थी
6
पंचमी
7
षष्ठी
8
सप्तमी
शीतला अष्टमी
9
अष्टमी
10
नवमी
11
दशमी
पापमोचनी एकादशी
12
द्वादशी
13
त्रयोदशी
कृष्ण प्रदोष व्रत
मासिक शिवरात्रि
14
चतुर्दशी
मीन संक्रांति
15
अमावस्या
Choitro आरंभ
अमावस्या
16
प्रतिपदा
चैत्र नवरात्रि
17
द्वितीया
18
चतुर्थी
विनायक चतुर्थी
19
पंचमी
20
षष्ठी
यमुना छठ
21
सप्तमी
22
अष्टमी
अन्नपूर्णा पूजा
बासंती पूजा
23
नवमी
राम नवमी
स्वामीनारायण जयंती
24
दशमी
25
एकादशी
26
एकादशी
कामदा एकादशी
27
द्वादशी
शुक्ल प्रदोष व्रत
28
त्रयोदशी
29
चतुर्दशी
30
पूर्णिमा
हनुमान जयंती
पूर्णिमा व्रत
31
प्रतिपदा
1
रवि
होली
4
बुध
संकष्टी चतुर्थी
8
रवि
शीतला अष्टमी
11
बुध
पापमोचनी एकादशी
13
शुक्र
कृष्ण प्रदोष व्रत
मासिक शिवरात्रि
14
शनि
मीन संक्रांति
15
रवि
अमावस्या
16
सोम
चैत्र नवरात्रि
18
बुध
विनायक चतुर्थी
20
शुक्र
यमुना छठ
22
रवि
अन्नपूर्णा पूजा
बासंती पूजा
23
सोम
राम नवमी
स्वामीनारायण जयंती
26
गुरु
कामदा एकादशी
27
शुक्र
शुक्ल प्रदोष व्रत
30
सोम
हनुमान जयंती
पूर्णिमा व्रत
किसी भी दिन पर टैप करके पूरा पंचांग देखें। ग्रिड चौड़ा करने के लिए झलकियाँ पैनल (★) छिपाएँ।