मार्च 1950 में बंगाली महीने
मार्च 1950 का संबंध Falgun – Choitro से है। चैत्र बंगाली वर्ष को चड़क पूजा और गाजन के साथ समाप्त करता है: चैत्र संक्रान्ति की पूर्वसन्ध्या पर शिव के प्राचीन लोक-शैव अनुष्ठान, इससे पहले कि पोइला बोइशाख चक्र को नवीनीकृत करे। मुख्य पर्व: होलिका दहन (3 मार्च), होली (4 मार्च), तिथि के अनुसार छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती (7 मार्च)। 31 दिनों की गुणवत्ता: 3 अत्यंत शुभ, 5 अनुकूल, 14 मिश्रित। एकादशी व्रत: 14 मार्च, 30 मार्च। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
4
पूर्णिमा
होली
+1 और
होली
पूर्णिमा व्रत
5
प्रतिपदा
6
द्वितीया
7
तृतीया
संकष्टी चतुर्थी
8
पंचमी
9
षष्ठी
10
सप्तमी
11
अष्टमी
शीतला अष्टमी
12
नवमी
13
दशमी
14
एकादशी
मीन संक्रांति
पापमोचनी एकादशी
15
द्वादशी
Choitro आरंभ
कृष्ण प्रदोष व्रत
16
त्रयोदशी
मासिक शिवरात्रि
17
चतुर्दशी
18
अमावस्या
अमावस्या
19
प्रतिपदा
चैत्र नवरात्रि
20
द्वितीया
21
तृतीया
22
चतुर्थी
विनायक चतुर्थी
23
पंचमी
24
पंचमी
25
षष्ठी
यमुना छठ
26
सप्तमी
27
अष्टमी
अन्नपूर्णा पूजा
बासंती पूजा
28
नवमी
राम नवमी
स्वामीनारायण जयंती
29
दशमी
30
एकादशी
कामदा एकादशी
31
द्वादशी
शुक्ल प्रदोष व्रत
4
शनि
होली
पूर्णिमा व्रत
7
मंगल
संकष्टी चतुर्थी
11
शनि
शीतला अष्टमी
14
मंगल
मीन संक्रांति
पापमोचनी एकादशी
15
बुध
कृष्ण प्रदोष व्रत
16
गुरु
मासिक शिवरात्रि
18
शनि
अमावस्या
19
रवि
चैत्र नवरात्रि
22
बुध
विनायक चतुर्थी
25
शनि
यमुना छठ
27
सोम
अन्नपूर्णा पूजा
बासंती पूजा
28
मंगल
राम नवमी
स्वामीनारायण जयंती
30
गुरु
कामदा एकादशी
31
शुक्र
शुक्ल प्रदोष व्रत
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