मार्च 1946 में बंगाली महीने
मार्च 1946 का संबंध Falgun – Choitro से है। चैत्र बंगाली वर्ष को चड़क पूजा और गाजन के साथ समाप्त करता है: चैत्र संक्रान्ति की पूर्वसन्ध्या पर शिव के प्राचीन लोक-शैव अनुष्ठान, इससे पहले कि पोइला बोइशाख चक्र को नवीनीकृत करे। मुख्य पर्व: महाशिवरात्रि (2 मार्च), होलिका दहन (17 मार्च), होली (18 मार्च)। 31 दिनों की गुणवत्ता: 2 अत्यंत शुभ, 5 अनुकूल, 16 मिश्रित। एकादशी व्रत: 13 मार्च, 29 मार्च। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
18
प्रतिपदा
होली
होली
19
द्वितीया
20
तृतीया
21
चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी
22
चतुर्थी
23
पंचमी
24
षष्ठी
25
सप्तमी
शीतला अष्टमी
26
अष्टमी
27
नवमी
28
दशमी
29
एकादशी
पापमोचनी एकादशी
30
द्वादशी
कृष्ण प्रदोष व्रत
31
त्रयोदशी
मासिक शिवरात्रि
18
सोम
होली
21
गुरु
संकष्टी चतुर्थी
25
सोम
शीतला अष्टमी
29
शुक्र
पापमोचनी एकादशी
30
शनि
कृष्ण प्रदोष व्रत
31
रवि
मासिक शिवरात्रि
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