मार्च 1942 में बंगाली महीने
मार्च 1942 का संबंध Falgun – Choitro से है। चैत्र बंगाली वर्ष को चड़क पूजा और गाजन के साथ समाप्त करता है: चैत्र संक्रान्ति की पूर्वसन्ध्या पर शिव के प्राचीन लोक-शैव अनुष्ठान, इससे पहले कि पोइला बोइशाख चक्र को नवीनीकृत करे। मुख्य पर्व: होलिका दहन (2 मार्च), होली (3 मार्च), तिथि के अनुसार छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती (5 मार्च)। 31 दिनों की गुणवत्ता: 0 अत्यंत शुभ, 9 अनुकूल, 15 मिश्रित। एकादशी व्रत: 13 मार्च, 28 मार्च। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
3
प्रतिपदा
होली
होली
4
द्वितीया
5
तृतीया
6
चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी
7
पंचमी
8
षष्ठी
9
सप्तमी
शीतला अष्टमी
10
अष्टमी
11
नवमी
12
दशमी
13
एकादशी
पापमोचनी एकादशी
14
द्वादशी
मीन संक्रांति
कृष्ण प्रदोष व्रत
15
चतुर्दशी
Choitro आरंभ
मासिक शिवरात्रि
16
अमावस्या
अमावस्या
17
प्रतिपदा
चैत्र नवरात्रि
18
द्वितीया
19
तृतीया
20
तृतीया
विनायक चतुर्थी
21
चतुर्थी
22
पंचमी
23
षष्ठी
यमुना छठ
24
सप्तमी
25
अष्टमी
अन्नपूर्णा पूजा
बासंती पूजा
26
नवमी
राम नवमी
स्वामीनारायण जयंती
27
दशमी
28
एकादशी
कामदा एकादशी
29
द्वादशी
30
त्रयोदशी
शुक्ल प्रदोष व्रत
31
चतुर्दशी
3
मंगल
होली
6
शुक्र
संकष्टी चतुर्थी
9
सोम
शीतला अष्टमी
13
शुक्र
पापमोचनी एकादशी
14
शनि
मीन संक्रांति
कृष्ण प्रदोष व्रत
15
रवि
मासिक शिवरात्रि
16
सोम
अमावस्या
17
मंगल
चैत्र नवरात्रि
20
शुक्र
विनायक चतुर्थी
23
सोम
यमुना छठ
25
बुध
अन्नपूर्णा पूजा
बासंती पूजा
26
गुरु
राम नवमी
स्वामीनारायण जयंती
28
शनि
कामदा एकादशी
30
सोम
शुक्ल प्रदोष व्रत
किसी भी दिन पर टैप करके पूरा पंचांग देखें। ग्रिड चौड़ा करने के लिए झलकियाँ पैनल (★) छिपाएँ।