मार्च 1931 में बंगाली महीने
मार्च 1931 का संबंध Falgun – Choitro से है। चैत्र बंगाली वर्ष को चड़क पूजा और गाजन के साथ समाप्त करता है: चैत्र संक्रान्ति की पूर्वसन्ध्या पर शिव के प्राचीन लोक-शैव अनुष्ठान, इससे पहले कि पोइला बोइशाख चक्र को नवीनीकृत करे। मुख्य पर्व: होलिका दहन (3 मार्च), होली (4 मार्च), तिथि के अनुसार छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती (6 मार्च)। 31 दिनों की गुणवत्ता: 1 अत्यंत शुभ, 5 अनुकूल, 18 मिश्रित। एकादशी व्रत: 14 मार्च, 30 मार्च। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
4
पूर्णिमा
होली
+1 और
होली
पूर्णिमा व्रत
5
प्रतिपदा
6
द्वितीया
7
चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी
8
पंचमी
9
षष्ठी
10
सप्तमी
11
अष्टमी
शीतला अष्टमी
12
नवमी
13
दशमी
14
एकादशी
मीन संक्रांति
पापमोचनी एकादशी
15
द्वादशी
Choitro आरंभ
16
त्रयोदशी
कृष्ण प्रदोष व्रत
17
त्रयोदशी
मासिक शिवरात्रि
18
चतुर्दशी
अमावस्या
19
अमावस्या
20
प्रतिपदा
चैत्र नवरात्रि
21
द्वितीया
22
तृतीया
23
चतुर्थी
विनायक चतुर्थी
24
पंचमी
25
षष्ठी
यमुना छठ
26
सप्तमी
27
अष्टमी
अन्नपूर्णा पूजा
बासंती पूजा
28
नवमी
राम नवमी
स्वामीनारायण जयंती
29
दशमी
30
एकादशी
कामदा एकादशी
31
द्वादशी
शुक्ल प्रदोष व्रत
4
बुध
होली
पूर्णिमा व्रत
7
शनि
संकष्टी चतुर्थी
11
बुध
शीतला अष्टमी
14
शनि
मीन संक्रांति
पापमोचनी एकादशी
16
सोम
कृष्ण प्रदोष व्रत
17
मंगल
मासिक शिवरात्रि
18
बुध
अमावस्या
20
शुक्र
चैत्र नवरात्रि
23
सोम
विनायक चतुर्थी
25
बुध
यमुना छठ
27
शुक्र
अन्नपूर्णा पूजा
बासंती पूजा
28
शनि
राम नवमी
स्वामीनारायण जयंती
30
सोम
कामदा एकादशी
31
मंगल
शुक्ल प्रदोष व्रत
किसी भी दिन पर टैप करके पूरा पंचांग देखें। ग्रिड चौड़ा करने के लिए झलकियाँ पैनल (★) छिपाएँ।