मार्च 1923 में बंगाली महीने
मार्च 1923 का संबंध Falgun – Choitro से है। चैत्र बंगाली वर्ष को चड़क पूजा और गाजन के साथ समाप्त करता है: चैत्र संक्रान्ति की पूर्वसन्ध्या पर शिव के प्राचीन लोक-शैव अनुष्ठान, इससे पहले कि पोइला बोइशाख चक्र को नवीनीकृत करे। मुख्य पर्व: होलिका दहन (2 मार्च), होली (3 मार्च), तिथि के अनुसार छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती (5 मार्च)। 31 दिनों की गुणवत्ता: 2 अत्यंत शुभ, 5 अनुकूल, 15 मिश्रित। एकादशी व्रत: 13 मार्च, 29 मार्च। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
3
पूर्णिमा
होली
+1 और
होली
पूर्णिमा व्रत
4
द्वितीया
5
तृतीया
6
चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी
7
पंचमी
8
षष्ठी
9
सप्तमी
शीतला अष्टमी
10
अष्टमी
11
नवमी
12
दशमी
13
एकादशी
पापमोचनी एकादशी
14
द्वादशी
मीन संक्रांति
कृष्ण प्रदोष व्रत
15
त्रयोदशी
Choitro आरंभ
मासिक शिवरात्रि
16
चतुर्दशी
17
अमावस्या
अमावस्या
18
प्रतिपदा
चैत्र नवरात्रि
19
द्वितीया
20
तृतीया
21
चतुर्थी
विनायक चतुर्थी
22
पंचमी
23
पंचमी
24
षष्ठी
यमुना छठ
25
सप्तमी
26
अष्टमी
राम नवमी
अन्नपूर्णा पूजा
बासंती पूजा
27
नवमी
स्वामीनारायण जयंती
28
दशमी
कामदा एकादशी
29
एकादशी
30
त्रयोदशी
शुक्ल प्रदोष व्रत
31
चतुर्दशी
3
शनि
होली
पूर्णिमा व्रत
6
मंगल
संकष्टी चतुर्थी
9
शुक्र
शीतला अष्टमी
13
मंगल
पापमोचनी एकादशी
14
बुध
मीन संक्रांति
कृष्ण प्रदोष व्रत
15
गुरु
मासिक शिवरात्रि
17
शनि
अमावस्या
18
रवि
चैत्र नवरात्रि
21
बुध
विनायक चतुर्थी
24
शनि
यमुना छठ
26
सोम
राम नवमी
अन्नपूर्णा पूजा
बासंती पूजा
27
मंगल
स्वामीनारायण जयंती
28
बुध
कामदा एकादशी
30
शुक्र
शुक्ल प्रदोष व्रत
किसी भी दिन पर टैप करके पूरा पंचांग देखें। ग्रिड चौड़ा करने के लिए झलकियाँ पैनल (★) छिपाएँ।