मार्च 1912 में बंगाली महीने
मार्च 1912 का संबंध Falgun – Choitro से है। चैत्र बंगाली वर्ष को चड़क पूजा और गाजन के साथ समाप्त करता है: चैत्र संक्रान्ति की पूर्वसन्ध्या पर शिव के प्राचीन लोक-शैव अनुष्ठान, इससे पहले कि पोइला बोइशाख चक्र को नवीनीकृत करे। मुख्य पर्व: होलिका दहन (2 मार्च), होली (3 मार्च), तिथि के अनुसार छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती (6 मार्च)। 31 दिनों की गुणवत्ता: 2 अत्यंत शुभ, 5 अनुकूल, 18 मिश्रित। एकादशी व्रत: 14 मार्च, 29 मार्च। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
3
पूर्णिमा
होली
+1 और
होली
पूर्णिमा व्रत
4
प्रतिपदा
5
द्वितीया
6
तृतीया
संकष्टी चतुर्थी
7
चतुर्थी
8
पंचमी
9
षष्ठी
10
सप्तमी
शीतला अष्टमी
11
अष्टमी
12
नवमी
13
दशमी
मीन संक्रांति
14
एकादशी
Choitro आरंभ
पापमोचनी एकादशी
15
द्वादशी
16
त्रयोदशी
कृष्ण प्रदोष व्रत
17
चतुर्दशी
मासिक शिवरात्रि
18
अमावस्या
अमावस्या
19
प्रतिपदा
चैत्र नवरात्रि
20
द्वितीया
21
तृतीया
22
चतुर्थी
विनायक चतुर्थी
23
पंचमी
24
षष्ठी
यमुना छठ
25
सप्तमी
26
अष्टमी
अन्नपूर्णा पूजा
बासंती पूजा
27
नवमी
राम नवमी
स्वामीनारायण जयंती
28
दशमी
29
एकादशी
कामदा एकादशी
30
द्वादशी
शुक्ल प्रदोष व्रत
31
त्रयोदशी
3
रवि
होली
पूर्णिमा व्रत
6
बुध
संकष्टी चतुर्थी
10
रवि
शीतला अष्टमी
13
बुध
मीन संक्रांति
14
गुरु
पापमोचनी एकादशी
16
शनि
कृष्ण प्रदोष व्रत
17
रवि
मासिक शिवरात्रि
18
सोम
अमावस्या
19
मंगल
चैत्र नवरात्रि
22
शुक्र
विनायक चतुर्थी
24
रवि
यमुना छठ
26
मंगल
अन्नपूर्णा पूजा
बासंती पूजा
27
बुध
राम नवमी
स्वामीनारायण जयंती
29
शुक्र
कामदा एकादशी
30
शनि
शुक्ल प्रदोष व्रत
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