मार्च 1904 में बंगाली महीने
मार्च 1904 का संबंध Falgun – Choitro से है। चैत्र बंगाली वर्ष को चड़क पूजा और गाजन के साथ समाप्त करता है: चैत्र संक्रान्ति की पूर्वसन्ध्या पर शिव के प्राचीन लोक-शैव अनुष्ठान, इससे पहले कि पोइला बोइशाख चक्र को नवीनीकृत करे। मुख्य पर्व: होलिका दहन (1 मार्च), होली (2 मार्च), तिथि के अनुसार छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती (4 मार्च)। 31 दिनों की गुणवत्ता: 1 अत्यंत शुभ, 3 अनुकूल, 19 मिश्रित। एकादशी व्रत: 12 मार्च, 28 मार्च। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
2
पूर्णिमा
होली
+1 और
होली
पूर्णिमा व्रत
3
द्वितीया
4
तृतीया
5
चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी
6
पंचमी
7
षष्ठी
8
सप्तमी
9
अष्टमी
शीतला अष्टमी
10
नवमी
11
दशमी
12
एकादशी
पापमोचनी एकादशी
13
द्वादशी
मीन संक्रांति
14
त्रयोदशी
Choitro आरंभ
कृष्ण प्रदोष व्रत
15
चतुर्दशी
मासिक शिवरात्रि
16
चतुर्दशी
अमावस्या
17
अमावस्या
18
प्रतिपदा
चैत्र नवरात्रि
19
द्वितीया
20
तृतीया
21
चतुर्थी
विनायक चतुर्थी
22
पंचमी
23
षष्ठी
यमुना छठ
24
सप्तमी
25
अष्टमी
अन्नपूर्णा पूजा
बासंती पूजा
26
नवमी
राम नवमी
स्वामीनारायण जयंती
27
दशमी
कामदा एकादशी
28
एकादशी
29
त्रयोदशी
शुक्ल प्रदोष व्रत
30
चतुर्दशी
31
पूर्णिमा
हनुमान जयंती
पूर्णिमा व्रत
2
बुध
होली
पूर्णिमा व्रत
5
शनि
संकष्टी चतुर्थी
9
बुध
शीतला अष्टमी
12
शनि
पापमोचनी एकादशी
13
रवि
मीन संक्रांति
14
सोम
कृष्ण प्रदोष व्रत
15
मंगल
मासिक शिवरात्रि
16
बुध
अमावस्या
18
शुक्र
चैत्र नवरात्रि
21
सोम
विनायक चतुर्थी
23
बुध
यमुना छठ
25
शुक्र
अन्नपूर्णा पूजा
बासंती पूजा
26
शनि
राम नवमी
स्वामीनारायण जयंती
27
रवि
कामदा एकादशी
29
मंगल
शुक्ल प्रदोष व्रत
31
गुरु
हनुमान जयंती
पूर्णिमा व्रत
किसी भी दिन पर टैप करके पूरा पंचांग देखें। ग्रिड चौड़ा करने के लिए झलकियाँ पैनल (★) छिपाएँ।