अगस्त 1918 का संबंध अगस्त से है। व्रतों और रक्षासूत्रों का हरा वर्षा-मास: रक्षा बन्धन और नाग पंचमी इसे आधार देते हैं, और 15 अगस्त स्वतन्त्रता दिवस की ओर बढ़ता यह पारिवारिक व राष्ट्रीय आयोजनों का काल है। मुख्य पर्व: हरियाली तीज (10 अग॰), नाग पंचमी (12 अग॰), स्वतंत्रता दिवस (15 अग॰)। 31 दिनों की गुणवत्ता: 1 अत्यंत शुभ, 4 अनुकूल, 18 मिश्रित। एकादशी व्रत: 2 अग॰, 18 अग॰। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
15
अष्टमी
स्वतंत्रता दिवस
+2 और
स्वतंत्रता दिवस
बृहस्पति पूजन
मासिक दुर्गाष्टमी
16
नवमी
सिंह संक्रांति
जीवंतिका पूजन
वरलक्ष्मी व्रत
17
दशमी
अश्वत्थ मारुति पूजन
18
एकादशी
झूलन यात्रा
आदित्य पूजन
श्रावण पुत्रदा एकादशी
19
द्वादशी
शुक्ल प्रदोष व्रत
श्रावण सोमवार
20
त्रयोदशी
मंगला गौरी व्रत
21
चतुर्दशी
ओणम
नारली पूर्णिमा
बुध पूजन
22
पूर्णिमा
रक्षा बंधन
गायत्री जयंती
पूर्णिमा व्रत
+1 और
23
प्रतिपदा
जीवंतिका पूजन
24
तृतीया
अश्वत्थ मारुति पूजन
कजरी तीज
25
चतुर्थी
आदित्य पूजन
बोल चोथ
संकष्टी चतुर्थी
26
पंचमी
नाग पंचम (गुजरात)
नाग पंचमी (बंगाली)
रंधन छठ
+1 और
27
षष्ठी
मंगला गौरी व्रत
शीतला सातम
28
सप्तमी
कृष्ण जन्माष्टमी
कालाष्टमी
बुध पूजन
29
अष्टमी
बृहस्पति पूजन
30
नवमी
गोपालकाला
जीवंतिका पूजन
31
दशमी
अश्वत्थ मारुति पूजन
15
गुरु
स्वतंत्रता दिवस
बृहस्पति पूजन
मासिक दुर्गाष्टमी
16
शुक्र
सिंह संक्रांति
जीवंतिका पूजन
वरलक्ष्मी व्रत
17
शनि
अश्वत्थ मारुति पूजन
18
रवि
झूलन यात्रा
आदित्य पूजन
श्रावण पुत्रदा एकादशी
19
सोम
शुक्ल प्रदोष व्रत
श्रावण सोमवार
20
मंगल
मंगला गौरी व्रत
21
बुध
ओणम
नारली पूर्णिमा
बुध पूजन
22
गुरु
रक्षा बंधन
गायत्री जयंती
पूर्णिमा व्रत
बृहस्पति पूजन
23
शुक्र
जीवंतिका पूजन
24
शनि
अश्वत्थ मारुति पूजन
कजरी तीज
25
रवि
आदित्य पूजन
बोल चोथ
संकष्टी चतुर्थी
26
सोम
नाग पंचम (गुजरात)
नाग पंचमी (बंगाली)
रंधन छठ
श्रावण सोमवार
27
मंगल
मंगला गौरी व्रत
शीतला सातम
28
बुध
कृष्ण जन्माष्टमी
कालाष्टमी
बुध पूजन
29
गुरु
बृहस्पति पूजन
30
शुक्र
गोपालकाला
जीवंतिका पूजन
31
शनि
अश्वत्थ मारुति पूजन
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