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Chaitra – Vaisakha · विक्रम संवत 2001

हिन्दू कैलेंडर

अप्रैल 1944 · 30 दिन
नई दिल्ली, दिल्ली, भारत बदलें

अप्रैल 1944 में हिन्दू महीने

Chaitra 10 मार्च – 8 अप्रैल 1944
Vaisakha 9 अप्रैल – 8 मई 1944 आरंभ · रवि 9 अप्रैल

अप्रैल 1944 का संबंध Chaitra – Vaisakha, विक्रम संवत 2001 से है। वैशाख में अक्षय तृतीया आती है, नए कार्यों और स्वर्ण के लिए सर्वाधिक शुभ दिन, साथ ही नृसिंह जयन्ती और बुद्ध पूर्णिमा; गंगा-स्नान विशेष रूप से पुण्यदायी माना जाता है। मुख्य पर्व: राम नवमी (1 अप्रैल), हनुमान जयंती (8 अप्रैल), मेष संक्रांति (13 अप्रैल)। 30 दिनों की गुणवत्ता: 2 अत्यंत शुभ, 7 अनुकूल, 16 मिश्रित। एकादशी व्रत: 4 अप्रैल, 19 अप्रैल। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।

स्कूल::
दिन की शुरुआत
v1 में केवल प्रदर्शन; गणना सूर्योदय आधारित है।
समय प्रारूप
सेल घनत्व
त्योहार और व्रत दिखाएँ
पंचक / भद्रा दिखाएँ
2
उत्तम
7
शुभ
16
मिश्रित
5
चुनौतीपूर्ण
अप्रैल में 22 पर्व
दिखाएँ
रवि सोम मंगल बुध गुरु शुक्र शनि
1 अष्टमी राम नवमी 2 नवमी स्वामीनारायण जयंती 3 दशमी 4 एकादशी कामदा एकादशी 5 द्वादशी शुक्ल प्रदोष व्रत 6 त्रयोदशी महावीर जयंती 7 चतुर्दशी 8 पूर्णिमा हनुमान जयंती पूर्णिमा व्रत 9 प्रतिपदा Vaisakha आरंभ 10 द्वितीया 11 तृतीया 12 चतुर्थी नील षष्ठी संकष्टी चतुर्थी 13 पंचमी मेष संक्रांति चड़क पूजा 14 षष्ठी पोहेला बोइशाख 15 सप्तमी 16 अष्टमी कालाष्टमी 17 नवमी 18 दशमी 19 एकादशी वरूथिनी एकादशी 20 द्वादशी कृष्ण प्रदोष व्रत 21 त्रयोदशी मासिक शिवरात्रि 22 अमावस्या अमावस्या 23 प्रतिपदा 24 द्वितीया 25 तृतीया अक्षय तृतीया परशुराम जयंती 26 चतुर्थी विनायक चतुर्थी 27 पंचमी 28 षष्ठी 29 सप्तमी गंगा सप्तमी 30 अष्टमी मासिक दुर्गाष्टमी
मुख्य त्योहार त्योहार व पूजा व्रत, एकादशी व उपवास

किसी भी दिन पर टैप करके पूरा पंचांग देखें। ग्रिड चौड़ा करने के लिए झलकियाँ पैनल (★) छिपाएँ।

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