गुजराती कैलेंडर नवंबर 1918
नवंबर 1918 में गुजराती महीने
नवंबर 1918 का संबंध Aaso (આસો) – Kartak (કારતક) से है। कार्तक गुजराती वर्ष खोलता है: दीवाली की अगली सुबह बेस्तु वरस नए बही-खातों के साथ नई विक्रम संवत शुरू करता है, और पाँच दिन बाद लाभ पंचम दुकानें पुनः खोलने का सर्वाधिक शुभ दिन है। मुख्य पर्व: धनतेरस (1 नव॰), नरक चतुर्दशी (2 नव॰), दीपावली (3 नव॰)। 30 दिनों की गुणवत्ता: 0 अत्यंत शुभ, 6 अनुकूल, 19 मिश्रित। एकादशी व्रत: 14 नव॰, 29 नव॰। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
1
Teras
धनतेरस
+3 और
धनतेरस
हनुमान पूजा
कृष्ण प्रदोष व्रत
+1 और
2
Chaudas
नरक चतुर्दशी
3
Amas
दीपावली
+2 और
चोपड़ा पूजन
दीपावली
अमावस्या
4
Ekam
કારતક માસારંભ
बेस्तु वरस
+1 और
गोवर्धन पूजा
बेस्तु वरस
5
Bij
भाई दूज
6
Bij
7
Trij
विनायक चतुर्थी
8
Choth
लाभ चतुर्थी
9
Pancham
लाभ पंचम
10
Chhath
11
Satam
जलाराम जयंती
12
Aatham
अक्षय नवमी
13
Nom
14
Agiyaras
देवउठनी एकादशी
15
Baras
तुलसी विवाह
16
Teras
वृश्चिक संक्रांति
शुक्ल प्रदोष व्रत
17
Chaudas
18
Punam
देव दिवाली
पूर्णिमा व्रत
19
Ekam
20
Bij
21
Choth
संकष्टी चतुर्थी
22
Pancham
23
Chhath
24
Satam
25
Aatham
कालभैरव जयंती
26
Nom
27
Dasam
28
Dasam
29
Agiyaras
उत्पन्ना एकादशी
30
Baras
कृष्ण प्रदोष व्रत
1
शुक्र
धनतेरस
हनुमान पूजा
कृष्ण प्रदोष व्रत
मासिक शिवरात्रि
2
शनि
नरक चतुर्दशी
3
रवि
चोपड़ा पूजन
दीपावली
अमावस्या
4
सोम
गोवर्धन पूजा
बेस्तु वरस
5
मंगल
भाई दूज
7
गुरु
विनायक चतुर्थी
8
शुक्र
लाभ चतुर्थी
9
शनि
लाभ पंचम
11
सोम
जलाराम जयंती
12
मंगल
अक्षय नवमी
14
गुरु
देवउठनी एकादशी
15
शुक्र
तुलसी विवाह
16
शनि
वृश्चिक संक्रांति
शुक्ल प्रदोष व्रत
18
सोम
देव दिवाली
पूर्णिमा व्रत
21
गुरु
संकष्टी चतुर्थी
25
सोम
कालभैरव जयंती
29
शुक्र
उत्पन्ना एकादशी
30
शनि
कृष्ण प्रदोष व्रत
किसी भी दिन पर टैप करके पूरा पंचांग देखें। ग्रिड चौड़ा करने के लिए झलकियाँ पैनल (★) छिपाएँ।