बंगाली कैलेंडर अक्तूबर 1945
अक्तूबर 1945 में बंगाली महीने
अक्तूबर 1945 का संबंध Ashshin – Kartik से है। आश्विन बंगाली वर्ष का भावनात्मक शिखर है: विश्वकर्मा पूजा इसे खोलती है, महालया देवी पक्ष आरम्भ करती है, और षष्ठी से विजया दशमी तक दुर्गा पूजा महीने को भर देती है, साथ ही कोजागरी पूर्णिमा पर लक्ष्मी पूजा। मुख्य पर्व: गांधी जयंती (2 अक्तू॰), सर्व पितृ अमावस्या (5 अक्तू॰), शरद नवरात्रि (7 अक्तू॰)। 31 दिनों की गुणवत्ता: 1 अत्यंत शुभ, 6 अनुकूल, 18 मिश्रित। एकादशी व्रत: 1 अक्तू॰, 17 अक्तू॰, 31 अक्तू॰। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
7
प्रतिपदा
शरद नवरात्रि
शरद नवरात्रि
8
द्वितीया
9
तृतीया
10
चतुर्थी
विनायक चतुर्थी
11
पंचमी
12
षष्ठी
महा षष्ठी
13
सप्तमी
महा सप्तमी
महा सप्तमी
14
अष्टमी
दुर्गा अष्टमी
दुर्गा अष्टमी
15
नवमी
महा नवमी (दुर्गा पूजा)
महा नवमी (दुर्गा पूजा)
16
दशमी
विजया दशमी (बिजोया दशमी)
विजया दशमी (बिजोया दशमी)
17
एकादशी
तुला संक्रांति
पापांकुशा एकादशी
18
द्वादशी
Kartik आरंभ
19
त्रयोदशी
शुक्ल प्रदोष व्रत
20
चतुर्दशी
शरद पूर्णिमा
21
पूर्णिमा
पूर्णिमा व्रत
22
प्रतिपदा
23
तृतीया
24
चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी
25
पंचमी
26
षष्ठी
27
सप्तमी
28
अष्टमी
29
नवमी
30
दशमी
31
एकादशी
रमा एकादशी
7
रवि
शरद नवरात्रि
10
बुध
विनायक चतुर्थी
12
शुक्र
महा षष्ठी
13
शनि
महा सप्तमी
14
रवि
दुर्गा अष्टमी
15
सोम
महा नवमी (दुर्गा पूजा)
16
मंगल
विजया दशमी (बिजोया दशमी)
17
बुध
तुला संक्रांति
पापांकुशा एकादशी
19
शुक्र
शुक्ल प्रदोष व्रत
20
शनि
शरद पूर्णिमा
21
रवि
पूर्णिमा व्रत
24
बुध
संकष्टी चतुर्थी
31
बुध
रमा एकादशी
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