बंगाली कैलेंडर अक्तूबर 1937
अक्तूबर 1937 में बंगाली महीने
अक्तूबर 1937 का संबंध Ashshin – Kartik से है। आश्विन बंगाली वर्ष का भावनात्मक शिखर है: विश्वकर्मा पूजा इसे खोलती है, महालया देवी पक्ष आरम्भ करती है, और षष्ठी से विजया दशमी तक दुर्गा पूजा महीने को भर देती है, साथ ही कोजागरी पूर्णिमा पर लक्ष्मी पूजा। मुख्य पर्व: गांधी जयंती (2 अक्तू॰), सर्व पितृ अमावस्या (4 अक्तू॰), शरद नवरात्रि (5 अक्तू॰)। 31 दिनों की गुणवत्ता: 1 अत्यंत शुभ, 3 अनुकूल, 20 मिश्रित। एकादशी व्रत: 16 अक्तू॰, 29 अक्तू॰। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
5
प्रतिपदा
शरद नवरात्रि
शरद नवरात्रि
6
द्वितीया
7
तृतीया
8
चतुर्थी
विनायक चतुर्थी
9
पंचमी
10
षष्ठी
महा षष्ठी
11
सप्तमी
महा सप्तमी
महा सप्तमी
12
सप्तमी
13
अष्टमी
दुर्गा अष्टमी
दुर्गा अष्टमी
14
नवमी
महा नवमी (दुर्गा पूजा)
महा नवमी (दुर्गा पूजा)
15
दशमी
विजया दशमी (बिजोया दशमी)
विजया दशमी (बिजोया दशमी)
16
एकादशी
पापांकुशा एकादशी
17
द्वादशी
तुला संक्रांति
शुक्ल प्रदोष व्रत
18
त्रयोदशी
Kartik आरंभ
19
पूर्णिमा
शरद पूर्णिमा
पूर्णिमा व्रत
20
प्रतिपदा
21
द्वितीया
22
तृतीया
संकष्टी चतुर्थी
23
चतुर्थी
24
पंचमी
25
षष्ठी
26
सप्तमी
27
नवमी
28
दशमी
29
एकादशी
रमा एकादशी
30
द्वादशी
गोवत्स द्वादशी
31
त्रयोदशी
धनतेरस
+1 और
धनतेरस
कृष्ण प्रदोष व्रत
5
मंगल
शरद नवरात्रि
8
शुक्र
विनायक चतुर्थी
10
रवि
महा षष्ठी
11
सोम
महा सप्तमी
13
बुध
दुर्गा अष्टमी
14
गुरु
महा नवमी (दुर्गा पूजा)
15
शुक्र
विजया दशमी (बिजोया दशमी)
16
शनि
पापांकुशा एकादशी
17
रवि
तुला संक्रांति
शुक्ल प्रदोष व्रत
19
मंगल
शरद पूर्णिमा
पूर्णिमा व्रत
22
शुक्र
संकष्टी चतुर्थी
29
शुक्र
रमा एकादशी
30
शनि
गोवत्स द्वादशी
31
रवि
धनतेरस
कृष्ण प्रदोष व्रत
किसी भी दिन पर टैप करके पूरा पंचांग देखें। ग्रिड चौड़ा करने के लिए झलकियाँ पैनल (★) छिपाएँ।