बंगाली कैलेंडर अक्तूबर 1935
अक्तूबर 1935 में बंगाली महीने
अक्तूबर 1935 का संबंध Ashshin – Kartik से है। आश्विन बंगाली वर्ष का भावनात्मक शिखर है: विश्वकर्मा पूजा इसे खोलती है, महालया देवी पक्ष आरम्भ करती है, और षष्ठी से विजया दशमी तक दुर्गा पूजा महीने को भर देती है, साथ ही कोजागरी पूर्णिमा पर लक्ष्मी पूजा। मुख्य पर्व: गांधी जयंती (2 अक्तू॰), महा षष्ठी (4 अक्तू॰), महा सप्तमी (5 अक्तू॰)। 31 दिनों की गुणवत्ता: 1 अत्यंत शुभ, 4 अनुकूल, 20 मिश्रित। एकादशी व्रत: 8 अक्तू॰, 22 अक्तू॰, 23 अक्तू॰। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
5
सप्तमी
महा सप्तमी
महा सप्तमी
6
अष्टमी
दुर्गा अष्टमी
+1 और
दुर्गा अष्टमी
महा नवमी (दुर्गा पूजा)
7
दशमी
विजया दशमी (बिजोया दशमी)
विजया दशमी (बिजोया दशमी)
8
एकादशी
पापांकुशा एकादशी
9
द्वादशी
10
त्रयोदशी
शुक्ल प्रदोष व्रत
11
चतुर्दशी
शरद पूर्णिमा
12
पूर्णिमा
पूर्णिमा व्रत
13
प्रतिपदा
14
तृतीया
15
चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी
16
पंचमी
17
षष्ठी
तुला संक्रांति
18
सप्तमी
Kartik आरंभ
19
अष्टमी
20
नवमी
21
दशमी
22
एकादशी
23
एकादशी
गोवत्स द्वादशी
रमा एकादशी
24
द्वादशी
धनतेरस
+1 और
धनतेरस
कृष्ण प्रदोष व्रत
25
त्रयोदशी
भूत चतुर्दशी
मासिक शिवरात्रि
26
चतुर्दशी
दीपावली
+1 और
काली पूजा
दीपावली
27
अमावस्या
अमावस्या
28
प्रतिपदा
29
द्वितीया
भाई दूज
30
तृतीया
31
चतुर्थी
विनायक चतुर्थी
5
शनि
महा सप्तमी
6
रवि
दुर्गा अष्टमी
महा नवमी (दुर्गा पूजा)
7
सोम
विजया दशमी (बिजोया दशमी)
8
मंगल
पापांकुशा एकादशी
10
गुरु
शुक्ल प्रदोष व्रत
11
शुक्र
शरद पूर्णिमा
12
शनि
पूर्णिमा व्रत
15
मंगल
संकष्टी चतुर्थी
17
गुरु
तुला संक्रांति
23
बुध
गोवत्स द्वादशी
रमा एकादशी
24
गुरु
धनतेरस
कृष्ण प्रदोष व्रत
25
शुक्र
भूत चतुर्दशी
मासिक शिवरात्रि
26
शनि
काली पूजा
दीपावली
27
रवि
अमावस्या
29
मंगल
भाई दूज
31
गुरु
विनायक चतुर्थी
किसी भी दिन पर टैप करके पूरा पंचांग देखें। ग्रिड चौड़ा करने के लिए झलकियाँ पैनल (★) छिपाएँ।