बंगाली कैलेंडर अक्तूबर 1934
अक्तूबर 1934 में बंगाली महीने
अक्तूबर 1934 का संबंध Ashshin – Kartik से है। आश्विन बंगाली वर्ष का भावनात्मक शिखर है: विश्वकर्मा पूजा इसे खोलती है, महालया देवी पक्ष आरम्भ करती है, और षष्ठी से विजया दशमी तक दुर्गा पूजा महीने को भर देती है, साथ ही कोजागरी पूर्णिमा पर लक्ष्मी पूजा। मुख्य पर्व: गांधी जयंती (2 अक्तू॰), सर्व पितृ अमावस्या (8 अक्तू॰), शरद नवरात्रि (9 अक्तू॰)। 31 दिनों की गुणवत्ता: 1 अत्यंत शुभ, 6 अनुकूल, 14 मिश्रित। एकादशी व्रत: 4 अक्तू॰। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
9
प्रतिपदा
शरद नवरात्रि
शरद नवरात्रि
10
द्वितीया
11
तृतीया
12
चतुर्थी
विनायक चतुर्थी
13
पंचमी
14
षष्ठी
महा षष्ठी
15
सप्तमी
महा सप्तमी
महा सप्तमी
16
अष्टमी
दुर्गा अष्टमी
दुर्गा अष्टमी
17
नवमी
महा नवमी (दुर्गा पूजा)
+1 और
महा नवमी (दुर्गा पूजा)
तुला संक्रांति
18
दशमी
Kartik आरंभ
विजया दशमी (बिजोया दशमी)
+1 और
विजया दशमी (बिजोया दशमी)
पापांकुशा एकादशी
19
द्वादशी
20
त्रयोदशी
शुक्ल प्रदोष व्रत
21
चतुर्दशी
शरद पूर्णिमा
22
पूर्णिमा
पूर्णिमा व्रत
23
प्रतिपदा
24
द्वितीया
25
तृतीया
संकष्टी चतुर्थी
26
चतुर्थी
27
पंचमी
28
षष्ठी
29
सप्तमी
30
अष्टमी
31
नवमी
9
मंगल
शरद नवरात्रि
12
शुक्र
विनायक चतुर्थी
14
रवि
महा षष्ठी
15
सोम
महा सप्तमी
16
मंगल
दुर्गा अष्टमी
17
बुध
महा नवमी (दुर्गा पूजा)
तुला संक्रांति
18
गुरु
विजया दशमी (बिजोया दशमी)
पापांकुशा एकादशी
20
शनि
शुक्ल प्रदोष व्रत
21
रवि
शरद पूर्णिमा
22
सोम
पूर्णिमा व्रत
25
गुरु
संकष्टी चतुर्थी
किसी भी दिन पर टैप करके पूरा पंचांग देखें। ग्रिड चौड़ा करने के लिए झलकियाँ पैनल (★) छिपाएँ।