बंगाली कैलेंडर अक्तूबर 1921
अक्तूबर 1921 में बंगाली महीने
अक्तूबर 1921 का संबंध Ashshin – Kartik से है। आश्विन बंगाली वर्ष का भावनात्मक शिखर है: विश्वकर्मा पूजा इसे खोलती है, महालया देवी पक्ष आरम्भ करती है, और षष्ठी से विजया दशमी तक दुर्गा पूजा महीने को भर देती है, साथ ही कोजागरी पूर्णिमा पर लक्ष्मी पूजा। मुख्य पर्व: सर्व पितृ अमावस्या (1 अक्तू॰), शरद नवरात्रि (2 अक्तू॰), गांधी जयंती (2 अक्तू॰)। 31 दिनों की गुणवत्ता: 1 अत्यंत शुभ, 3 अनुकूल, 20 मिश्रित। एकादशी व्रत: 12 अक्तू॰, 27 अक्तू॰। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
2
प्रतिपदा
शरद नवरात्रि
+1 और
गांधी जयंती
शरद नवरात्रि
3
द्वितीया
4
तृतीया
विनायक चतुर्थी
5
चतुर्थी
6
पंचमी
7
षष्ठी
महा षष्ठी
8
सप्तमी
महा सप्तमी
महा सप्तमी
9
अष्टमी
दुर्गा अष्टमी
दुर्गा अष्टमी
10
नवमी
महा नवमी (दुर्गा पूजा)
महा नवमी (दुर्गा पूजा)
11
दशमी
विजया दशमी (बिजोया दशमी)
विजया दशमी (बिजोया दशमी)
12
एकादशी
पापांकुशा एकादशी
13
द्वादशी
14
त्रयोदशी
शुक्ल प्रदोष व्रत
15
चतुर्दशी
16
पूर्णिमा
शरद पूर्णिमा
तुला संक्रांति
पूर्णिमा व्रत
17
प्रतिपदा
Kartik आरंभ
18
द्वितीया
19
तृतीया
20
चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी
21
पंचमी
22
षष्ठी
23
सप्तमी
24
अष्टमी
25
नवमी
26
दशमी
27
एकादशी
गोवत्स द्वादशी
रमा एकादशी
28
द्वादशी
धनतेरस
+1 और
धनतेरस
कृष्ण प्रदोष व्रत
29
त्रयोदशी
भूत चतुर्दशी
मासिक शिवरात्रि
30
चतुर्दशी
दीपावली
+2 और
काली पूजा
दीपावली
अमावस्या
31
प्रतिपदा
2
रवि
गांधी जयंती
शरद नवरात्रि
4
मंगल
विनायक चतुर्थी
7
शुक्र
महा षष्ठी
8
शनि
महा सप्तमी
9
रवि
दुर्गा अष्टमी
10
सोम
महा नवमी (दुर्गा पूजा)
11
मंगल
विजया दशमी (बिजोया दशमी)
12
बुध
पापांकुशा एकादशी
14
शुक्र
शुक्ल प्रदोष व्रत
16
रवि
शरद पूर्णिमा
तुला संक्रांति
पूर्णिमा व्रत
20
गुरु
संकष्टी चतुर्थी
27
गुरु
गोवत्स द्वादशी
रमा एकादशी
28
शुक्र
धनतेरस
कृष्ण प्रदोष व्रत
29
शनि
भूत चतुर्दशी
मासिक शिवरात्रि
30
रवि
काली पूजा
दीपावली
अमावस्या
किसी भी दिन पर टैप करके पूरा पंचांग देखें। ग्रिड चौड़ा करने के लिए झलकियाँ पैनल (★) छिपाएँ।