बंगाली कैलेंडर अक्तूबर 1915
अक्तूबर 1915 में बंगाली महीने
अक्तूबर 1915 का संबंध Ashshin – Kartik से है। आश्विन बंगाली वर्ष का भावनात्मक शिखर है: विश्वकर्मा पूजा इसे खोलती है, महालया देवी पक्ष आरम्भ करती है, और षष्ठी से विजया दशमी तक दुर्गा पूजा महीने को भर देती है, साथ ही कोजागरी पूर्णिमा पर लक्ष्मी पूजा। मुख्य पर्व: गांधी जयंती (2 अक्तू॰), सर्व पितृ अमावस्या (8 अक्तू॰), शरद नवरात्रि (9 अक्तू॰)। 31 दिनों की गुणवत्ता: 2 अत्यंत शुभ, 5 अनुकूल, 18 मिश्रित। एकादशी व्रत: 5 अक्तू॰, 18 अक्तू॰। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
9
प्रतिपदा
शरद नवरात्रि
शरद नवरात्रि
10
द्वितीया
11
तृतीया
12
चतुर्थी
विनायक चतुर्थी
13
पंचमी
14
षष्ठी
महा षष्ठी
15
सप्तमी
महा सप्तमी
महा सप्तमी
16
अष्टमी
दुर्गा अष्टमी
+1 और
दुर्गा अष्टमी
महा नवमी (दुर्गा पूजा)
17
दशमी
विजया दशमी (बिजोया दशमी)
+1 और
विजया दशमी (बिजोया दशमी)
तुला संक्रांति
18
एकादशी
Kartik आरंभ
पापांकुशा एकादशी
19
द्वादशी
20
त्रयोदशी
शुक्ल प्रदोष व्रत
21
चतुर्दशी
22
पूर्णिमा
शरद पूर्णिमा
पूर्णिमा व्रत
23
प्रतिपदा
24
प्रतिपदा
25
द्वितीया
26
तृतीया
संकष्टी चतुर्थी
27
चतुर्थी
28
पंचमी
29
षष्ठी
30
सप्तमी
31
अष्टमी
9
शनि
शरद नवरात्रि
12
मंगल
विनायक चतुर्थी
14
गुरु
महा षष्ठी
15
शुक्र
महा सप्तमी
16
शनि
दुर्गा अष्टमी
महा नवमी (दुर्गा पूजा)
17
रवि
विजया दशमी (बिजोया दशमी)
तुला संक्रांति
18
सोम
पापांकुशा एकादशी
20
बुध
शुक्ल प्रदोष व्रत
22
शुक्र
शरद पूर्णिमा
पूर्णिमा व्रत
26
मंगल
संकष्टी चतुर्थी
किसी भी दिन पर टैप करके पूरा पंचांग देखें। ग्रिड चौड़ा करने के लिए झलकियाँ पैनल (★) छिपाएँ।