बंगाली कैलेंडर अक्तूबर 1911
अक्तूबर 1911 में बंगाली महीने
अक्तूबर 1911 का संबंध Ashshin – Kartik से है। आश्विन बंगाली वर्ष का भावनात्मक शिखर है: विश्वकर्मा पूजा इसे खोलती है, महालया देवी पक्ष आरम्भ करती है, और षष्ठी से विजया दशमी तक दुर्गा पूजा महीने को भर देती है, साथ ही कोजागरी पूर्णिमा पर लक्ष्मी पूजा। मुख्य पर्व: महानवमी (1 अक्तू॰), महा नवमी (दुर्गा पूजा) (1 अक्तू॰), दशहरा (2 अक्तू॰)। 31 दिनों की गुणवत्ता: 0 अत्यंत शुभ, 5 अनुकूल, 19 मिश्रित। एकादशी व्रत: 4 अक्तू॰, 18 अक्तू॰। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
1
नवमी
महा नवमी (दुर्गा पूजा)
महा नवमी (दुर्गा पूजा)
2
नवमी
गांधी जयंती
3
दशमी
विजया दशमी (बिजोया दशमी)
विजया दशमी (बिजोया दशमी)
4
एकादशी
पापांकुशा एकादशी
5
द्वादशी
शुक्ल प्रदोष व्रत
6
त्रयोदशी
7
चतुर्दशी
शरद पूर्णिमा
8
पूर्णिमा
पूर्णिमा व्रत
9
प्रतिपदा
10
तृतीया
11
चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी
12
पंचमी
13
षष्ठी
14
सप्तमी
15
अष्टमी
16
नवमी
17
दशमी
तुला संक्रांति
18
एकादशी
Kartik आरंभ
गोवत्स द्वादशी
रमा एकादशी
19
द्वादशी
धनतेरस
+1 और
धनतेरस
कृष्ण प्रदोष व्रत
20
त्रयोदशी
भूत चतुर्दशी
मासिक शिवरात्रि
21
चतुर्दशी
दीपावली
+2 और
काली पूजा
दीपावली
अमावस्या
22
अमावस्या
23
प्रतिपदा
भाई दूज
24
द्वितीया
25
तृतीया
26
चतुर्थी
विनायक चतुर्थी
27
पंचमी
28
षष्ठी
29
सप्तमी
30
अष्टमी
31
नवमी
जगद्धात्री पूजा
1
रवि
महा नवमी (दुर्गा पूजा)
2
सोम
गांधी जयंती
3
मंगल
विजया दशमी (बिजोया दशमी)
4
बुध
पापांकुशा एकादशी
5
गुरु
शुक्ल प्रदोष व्रत
7
शनि
शरद पूर्णिमा
8
रवि
पूर्णिमा व्रत
11
बुध
संकष्टी चतुर्थी
17
मंगल
तुला संक्रांति
18
बुध
गोवत्स द्वादशी
रमा एकादशी
19
गुरु
धनतेरस
कृष्ण प्रदोष व्रत
20
शुक्र
भूत चतुर्दशी
मासिक शिवरात्रि
21
शनि
काली पूजा
दीपावली
अमावस्या
23
सोम
भाई दूज
26
गुरु
विनायक चतुर्थी
31
मंगल
जगद्धात्री पूजा
किसी भी दिन पर टैप करके पूरा पंचांग देखें। ग्रिड चौड़ा करने के लिए झलकियाँ पैनल (★) छिपाएँ।