बंगाली कैलेंडर अक्तूबर 1903
अक्तूबर 1903 में बंगाली महीने
अक्तूबर 1903 का संबंध Ashshin – Kartik से है। आश्विन बंगाली वर्ष का भावनात्मक शिखर है: विश्वकर्मा पूजा इसे खोलती है, महालया देवी पक्ष आरम्भ करती है, और षष्ठी से विजया दशमी तक दुर्गा पूजा महीने को भर देती है, साथ ही कोजागरी पूर्णिमा पर लक्ष्मी पूजा। मुख्य पर्व: विजया दशमी (बिजोया दशमी) (1 अक्तू॰), गांधी जयंती (2 अक्तू॰), शरद पूर्णिमा (5 अक्तू॰)। 31 दिनों की गुणवत्ता: 2 अत्यंत शुभ, 8 अनुकूल, 13 मिश्रित। एकादशी व्रत: 2 अक्तू॰। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
1
दशमी
विजया दशमी (बिजोया दशमी)
विजया दशमी (बिजोया दशमी)
2
एकादशी
गांधी जयंती
पापांकुशा एकादशी
3
द्वादशी
शुक्ल प्रदोष व्रत
4
त्रयोदशी
5
चतुर्दशी
शरद पूर्णिमा
6
पूर्णिमा
पूर्णिमा व्रत
7
प्रतिपदा
8
द्वितीया
9
तृतीया
10
चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी
11
पंचमी
12
षष्ठी
13
सप्तमी
14
अष्टमी
15
नवमी
16
दशमी
रमा एकादशी
17
द्वादशी
तुला संक्रांति
गोवत्स द्वादशी
18
त्रयोदशी
Kartik आरंभ
धनतेरस
+1 और
धनतेरस
कृष्ण प्रदोष व्रत
19
चतुर्दशी
काली पूजा
भूत चतुर्दशी
मासिक शिवरात्रि
20
अमावस्या
दीपावली
+1 और
दीपावली
अमावस्या
21
प्रतिपदा
22
द्वितीया
भाई दूज
23
तृतीया
24
चतुर्थी
विनायक चतुर्थी
25
पंचमी
26
षष्ठी
27
सप्तमी
28
अष्टमी
29
नवमी
जगद्धात्री पूजा
30
दशमी
कंस वध
31
दशमी
1
गुरु
विजया दशमी (बिजोया दशमी)
2
शुक्र
गांधी जयंती
पापांकुशा एकादशी
3
शनि
शुक्ल प्रदोष व्रत
5
सोम
शरद पूर्णिमा
6
मंगल
पूर्णिमा व्रत
10
शनि
संकष्टी चतुर्थी
16
शुक्र
रमा एकादशी
17
शनि
तुला संक्रांति
गोवत्स द्वादशी
18
रवि
धनतेरस
कृष्ण प्रदोष व्रत
19
सोम
काली पूजा
भूत चतुर्दशी
मासिक शिवरात्रि
20
मंगल
दीपावली
अमावस्या
22
गुरु
भाई दूज
24
शनि
विनायक चतुर्थी
29
गुरु
जगद्धात्री पूजा
30
शुक्र
कंस वध
किसी भी दिन पर टैप करके पूरा पंचांग देखें। ग्रिड चौड़ा करने के लिए झलकियाँ पैनल (★) छिपाएँ।