नवंबर 2021 का संबंध नवंबर से है। दीपावली सप्ताह कैलेंडर पर छा जाता है: धनतेरस से भाई दूज, गोवर्धन पूजा, पूर्व में छठ, और कार्तिक पूर्णिमा, भारत का सबसे प्रकाशमय त्योहार-पखवाड़ा। मुख्य पर्व: धनतेरस (2 नव॰), दीपावली (4 नव॰), नरक चतुर्दशी (4 नव॰)। 30 दिनों की गुणवत्ता: 3 अत्यंत शुभ, 2 अनुकूल, 19 मिश्रित। एकादशी व्रत: 1 नव॰, 14 नव॰, 30 नव॰। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
2
द्वादशी
धनतेरस
+1 और
धनतेरस
कृष्ण प्रदोष व्रत
3
त्रयोदशी
भूत चतुर्दशी
हनुमान पूजा
मासिक शिवरात्रि
4
अमावस्या
दीपावली
+4 और
काली पूजा
चोपड़ा पूजन
दीपावली
+2 और
5
प्रतिपदा
गोवर्धन पूजा
बलि प्रतिपदा
बेस्तु वरस
6
द्वितीया
भाई दूज
7
तृतीया
8
चतुर्थी
लाभ चतुर्थी
विनायक चतुर्थी
9
पंचमी
लाभ पंचम
10
षष्ठी
छठ पूजा
11
सप्तमी
जलाराम जयंती
मासिक दुर्गाष्टमी
12
नवमी
जगद्धात्री पूजा
अक्षय नवमी
13
दशमी
कंस वध
14
एकादशी
देवउठनी एकादशी
15
द्वादशी
तुलसी विवाह
16
द्वादशी
वृश्चिक संक्रांति
शुक्ल प्रदोष व्रत
17
त्रयोदशी
18
चतुर्दशी
वैकुंठ चतुर्दशी
19
पूर्णिमा
देव दिवाली
गुरु नानक जयंती
रास पूर्णिमा
+1 और
20
प्रतिपदा
21
द्वितीया
22
तृतीया
23
चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी
24
पंचमी
25
षष्ठी
26
सप्तमी
27
अष्टमी
कालभैरव जयंती
कालाष्टमी
28
नवमी
29
दशमी
30
एकादशी
उत्पन्ना एकादशी
2
मंगल
धनतेरस
कृष्ण प्रदोष व्रत
3
बुध
भूत चतुर्दशी
हनुमान पूजा
मासिक शिवरात्रि
4
गुरु
काली पूजा
चोपड़ा पूजन
दीपावली
नरक चतुर्दशी
अमावस्या
5
शुक्र
गोवर्धन पूजा
बलि प्रतिपदा
बेस्तु वरस
6
शनि
भाई दूज
8
सोम
लाभ चतुर्थी
विनायक चतुर्थी
9
मंगल
लाभ पंचम
10
बुध
छठ पूजा
11
गुरु
जलाराम जयंती
मासिक दुर्गाष्टमी
12
शुक्र
जगद्धात्री पूजा
अक्षय नवमी
13
शनि
कंस वध
14
रवि
देवउठनी एकादशी
15
सोम
तुलसी विवाह
16
मंगल
वृश्चिक संक्रांति
शुक्ल प्रदोष व्रत
18
गुरु
वैकुंठ चतुर्दशी
19
शुक्र
देव दिवाली
गुरु नानक जयंती
रास पूर्णिमा
पूर्णिमा व्रत
23
मंगल
संकष्टी चतुर्थी
27
शनि
कालभैरव जयंती
कालाष्टमी
30
मंगल
उत्पन्ना एकादशी
किसी भी दिन पर टैप करके पूरा पंचांग देखें। ग्रिड चौड़ा करने के लिए झलकियाँ पैनल (★) छिपाएँ।