नवंबर 1964 का संबंध नवंबर से है। दीपावली सप्ताह कैलेंडर पर छा जाता है: धनतेरस से भाई दूज, गोवर्धन पूजा, पूर्व में छठ, और कार्तिक पूर्णिमा, भारत का सबसे प्रकाशमय त्योहार-पखवाड़ा। मुख्य पर्व: धनतेरस (1 नव॰), दीपावली (3 नव॰), नरक चतुर्दशी (3 नव॰)। 30 दिनों की गुणवत्ता: 1 अत्यंत शुभ, 6 अनुकूल, 15 मिश्रित। एकादशी व्रत: 16 नव॰, 29 नव॰। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
1
द्वादशी
धनतेरस
+1 और
धनतेरस
कृष्ण प्रदोष व्रत
2
त्रयोदशी
भूत चतुर्दशी
हनुमान पूजा
मासिक शिवरात्रि
3
चतुर्दशी
दीपावली
+4 और
काली पूजा
चोपड़ा पूजन
दीपावली
+2 और
4
अमावस्या
गोवर्धन पूजा
5
प्रतिपदा
बलि प्रतिपदा
बेस्तु वरस
6
द्वितीया
भाई दूज
7
तृतीया
8
चतुर्थी
लाभ चतुर्थी
विनायक चतुर्थी
9
पंचमी
लाभ पंचम
10
षष्ठी
छठ पूजा
11
सप्तमी
जलाराम जयंती
12
अष्टमी
मासिक दुर्गाष्टमी
13
नवमी
जगद्धात्री पूजा
अक्षय नवमी
14
नवमी
15
दशमी
कंस वध
वृश्चिक संक्रांति
देवउठनी एकादशी
16
एकादशी
तुलसी विवाह
17
त्रयोदशी
शुक्ल प्रदोष व्रत
18
चतुर्दशी
वैकुंठ चतुर्दशी
19
पूर्णिमा
देव दिवाली
गुरु नानक जयंती
रास पूर्णिमा
+1 और
20
प्रतिपदा
21
द्वितीया
22
तृतीया
संकष्टी चतुर्थी
23
चतुर्थी
24
षष्ठी
25
सप्तमी
26
अष्टमी
कालभैरव जयंती
कालाष्टमी
27
नवमी
28
दशमी
29
एकादशी
उत्पन्ना एकादशी
30
द्वादशी
1
रवि
धनतेरस
कृष्ण प्रदोष व्रत
2
सोम
भूत चतुर्दशी
हनुमान पूजा
मासिक शिवरात्रि
3
मंगल
काली पूजा
चोपड़ा पूजन
दीपावली
नरक चतुर्दशी
अमावस्या
4
बुध
गोवर्धन पूजा
5
गुरु
बलि प्रतिपदा
बेस्तु वरस
6
शुक्र
भाई दूज
8
रवि
लाभ चतुर्थी
विनायक चतुर्थी
9
सोम
लाभ पंचम
10
मंगल
छठ पूजा
11
बुध
जलाराम जयंती
12
गुरु
मासिक दुर्गाष्टमी
13
शुक्र
जगद्धात्री पूजा
अक्षय नवमी
15
रवि
कंस वध
वृश्चिक संक्रांति
देवउठनी एकादशी
16
सोम
तुलसी विवाह
17
मंगल
शुक्ल प्रदोष व्रत
18
बुध
वैकुंठ चतुर्दशी
19
गुरु
देव दिवाली
गुरु नानक जयंती
रास पूर्णिमा
पूर्णिमा व्रत
22
रवि
संकष्टी चतुर्थी
26
गुरु
कालभैरव जयंती
कालाष्टमी
29
रवि
उत्पन्ना एकादशी
किसी भी दिन पर टैप करके पूरा पंचांग देखें। ग्रिड चौड़ा करने के लिए झलकियाँ पैनल (★) छिपाएँ।