अगस्त 1944 का संबंध अगस्त से है। वर्ष के सबसे व्यस्त त्योहार-कालों में एक: जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी के दस दिन, केरल में ओणम, और पूर्वजों के पितृ पक्ष पखवाड़े का आरम्भ। मुख्य पर्व: रक्षा बंधन (4 अग॰), नारली पूर्णिमा (4 अग॰), वरलक्ष्मी व्रत (4 अग॰)। 31 दिनों की गुणवत्ता: 2 अत्यंत शुभ, 4 अनुकूल, 19 मिश्रित। एकादशी व्रत: 14 अग॰, 30 अग॰। वैदिक पंचांग में नए हैं? देखें यह कैसे काम करता है।
15
द्वादशी
स्वतंत्रता दिवस
+1 और
स्वतंत्रता दिवस
मंगला गौरी व्रत
16
त्रयोदशी
सिंह संक्रांति
कृष्ण प्रदोष व्रत
बुध पूजन
+1 और
17
चतुर्दशी
बृहस्पति पूजन
18
अमावस्या
बैल पोला
अमावस्या
जीवंतिका पूजन
19
प्रतिपदा
20
द्वितीया
21
द्वितीया
वराह जयंती
22
तृतीया
गणेश चतुर्थी
केवड़ा तीज
विनायक चतुर्थी
+1 और
23
चतुर्थी
24
पंचमी
ऋषि पंचमी
25
षष्ठी
बलराम जयंती
26
सप्तमी
27
अष्टमी
ज्येष्ठा गौरी आवाहन
राधा अष्टमी
धरो आठम
+1 और
28
नवमी
ज्येष्ठा गौरी पूजन
29
दशमी
ज्येष्ठा गौरी विसर्जन
30
एकादशी
पार्श्व एकादशी
31
द्वादशी
वामन जयंती
शुक्ल प्रदोष व्रत
15
मंगल
स्वतंत्रता दिवस
मंगला गौरी व्रत
16
बुध
सिंह संक्रांति
कृष्ण प्रदोष व्रत
बुध पूजन
मासिक शिवरात्रि
17
गुरु
बृहस्पति पूजन
18
शुक्र
बैल पोला
अमावस्या
जीवंतिका पूजन
21
सोम
वराह जयंती
22
मंगल
गणेश चतुर्थी
केवड़ा तीज
विनायक चतुर्थी
हरतालिका तीज
24
गुरु
ऋषि पंचमी
25
शुक्र
बलराम जयंती
27
रवि
ज्येष्ठा गौरी आवाहन
राधा अष्टमी
धरो आठम
मासिक दुर्गाष्टमी
28
सोम
ज्येष्ठा गौरी पूजन
29
मंगल
ज्येष्ठा गौरी विसर्जन
30
बुध
पार्श्व एकादशी
31
गुरु
वामन जयंती
शुक्ल प्रदोष व्रत
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